CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें कृषि विवि पेपर लीक और परीक्षा रद्द, महासमुंद एनालॉग पनीर ट्रैकिंग, जगदलपुर राशन कार्ड ई-केवाईसी, बलरामपुर वित्तीय गड़बड़ी, बिलासपुर हाईकोर्ट बरी फैसला, NEET UG 2026 चेतावनी, पर्यटन बोर्ड फर्जी बुकिंग अलर्ट, बलौदाबाजार आरएमए मामला, बालोद एनएच-30 चक्काजाम और रायपुर धर्मांतरण विवाद समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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कृषि विवि पेपर लीक मामला : एंटोमोलॉजी के बाद प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा भी रद्द

Education News: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएससी कृषि की दो प्रमुख परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जिसमें 20 अगस्त को आयोजित एंटोमोलॉजी और 7 अगस्त को आयोजित प्लांट पैथोलॉजी विषय की परीक्षा शामिल हैं। रायपुर पुलिस की जांच में इन दोनों परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की पुख्ता जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में बुलाई गई आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी और प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक हुआ था, जिससे छात्रों की मेहनत और परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए थे। इस गंभीर लापरवाही के चलते भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, साथ ही वहां तैनात ऑब्जर्वरों से भी जवाब तलब किया गया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्न पत्रों को अब सीधे हार्ड कॉपी में भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के जरिए परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले भेजा जा रहा है, और परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। रद्द की गई दोनों परीक्षाएं अब सितंबर महीने के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी, जिससे प्रभावित छात्रों को राहत मिल सके।

महासमुंद में एनालॉग पनीर पर नकेल, हाईवे पर होगी सप्लाई चेन की ट्रैकिंग

Government: महासमुंद जिले में मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक डेयरी उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज कर दिया है। महासमुंद में एनालॉग पनीर की बिक्री पर पहले ही कड़ा प्रतिबंध लगाया जा चुका है, और अब विभाग ने इस अवैध कारोबार की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने की ठोस तैयारी कर ली है। पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग से अब नेशनल हाईवे पर विशेष नजर रखी जाएगी और संदिग्ध वाहनों की कड़ी ट्रैकिंग की जाएगी। मुख्य मार्गों से गुजरने वाली डेयरी उत्पादों से लदी गाड़ियों को रोककर मौके पर ही सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह माल कहां से आ रहा है और किसे सप्लाई किया जा रहा है। प्रतिबंध लागू होने के बाद से अब तक खाद्य विभाग की टीम ने लगभग 299 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है जिसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है, साथ ही सात अलग-अलग दुकानों से नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है जिनकी रिपोर्ट 14 दिन में आएगी। एनालॉग पनीर कोई असली डेयरी उत्पाद नहीं होता है, बल्कि इसे पाम ऑयल, स्टार्च, मिल्क पाउडर और सोया प्रोटीन को कृत्रिम तरीके मिलाकर तैयार किया जाता है, जो दिखने में असली पनीर जैसा लगता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होता है। विभाग के पास मैदानी स्टाफ की कमी के कारण निगरानी में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अब पुलिस की मदद ली जा रही है, और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जा रहे हैं।

राशन कार्ड ई-केवाईसी 2026 : जगदलपुर में 1350 निरस्त, जानिए अंतिम तारीख और नियम

Government: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1350 राशन कार्डों को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। जिले में कुल 2.06 लाख राशन कार्ड धारक हैं जिनके माध्यम से 7.90 लाख से अधिक लोगों को रियायती दरों पर राशन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन जांच के दौरान मृत व्यक्तियों के नाम पर, दूसरे राज्यों से राशन लेने वाले और लंबे समय से बाहर रहने वाले लोगों के कार्डों में गड़बड़ी मिलने पर यह कड़ा कदम उठाया गया है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अभी भी करीब 5 हजार राशन कार्डों का नवीनीकरण बाकी है, जिनमें 3 हजार एपीएल और 1 हजार बीपीएल कार्ड शामिल हैं, जिन्हें समय पर अपडेट न कराने पर रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, पिछले एक साल से चल रही ई-केवाईसी प्रक्रिया के तहत जिले में अब भी 60 हजार से अधिक बायोमीट्रिक सत्यापन पेंडिंग पड़े हुए हैं, जिसके लिए राशन दुकान संचालकों और केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे, इसके लिए प्रशासन ने ई-केवाईसी और नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है। खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर अनिवार्य रूप से फिंगरप्रिंट सत्यापन करा लें, अन्यथा उनका राशन वितरण रोक दिया जा सकता है।

बलरामपुर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पर 4.51 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी का आरोप

Crime Update: बलरामपुर जिले से शिक्षा विभाग के भीतर से एक बहुत बड़ा वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जहां प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर लगभग 4.51 करोड़ रुपए की भारी-भरकम वित्तीय अनियमितता करने का गंभीर आरोप लगा है। जिले में लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था, जिसने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। जांच समिति ने दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में आरोपी अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और उनके संबंधित बैंक खाते को तुरंत प्रभाव से होल्ड करने की कठोर अनुशंसा की है। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थापना के बाद से ही उनकी कार्यशैली और विभागीय कामकाज में नियमों की अनदेखी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया है। बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगाने की सिफारिश से शिक्षा विभाग के भीतर और प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है, और माना जा रहा है कि शासन स्तर पर जल्द ही इस मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया जाएगा।

बिलासपुर में 9 साल जेल में सड़ा बेकसूर: हाईकोर्ट ने उम्रकैद के आरोपी को किया बरी

Crime Update: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसले ने भारतीय न्याय प्रणाली में गरीबों की मुश्किलों और कानूनी प्रक्रियाओं की एक भयावह तस्वीर को उजागर कर दिया है। जांजगीर के रहने वाले देव प्रकाश यादव को हत्या के एक मामले में निचली अदालत ने उम्रकैद और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उसे पूरी तरह से निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है। इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हाईकोर्ट ने आरोपी को साल 2016 में ही जमानत दे दी थी, लेकिन अत्यधिक गरीबी और जमानतदार की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह पूरे 9 साल तक जेल की सलाखों के पीछे ही सड़ने को मजबूर रहा। इस गरीब परिवार की सुध ‘जनहित चैंबर’ से जुड़ी अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने मसीहा बनकर ली, जिनके प्रयासों से वर्ष 2022 में व्यक्तिगत बंधपत्र पर उसकी रिहाई संभव हो पाई, जबकि उसके 70 वर्षीय बुजुर्ग पिता बंशी यादव को बेटे के जेल जाने के बाद दर-दर भटकना पड़ा और मंदिर तथा पेड़ों के नीचे रातें गुजारनी पड़ीं। जब देव प्रकाश को आखिरकार 20 अगस्त 2026 को अंतिम सुनवाई में न्याय मिला और वह बरी हुआ, तो उसने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उसकी पूरी जिंदगी जेल में ही बीतेगी। यह मामला इस बात का गहरा उदाहरण है कि समाज के वंचित वर्ग के लिए अदालत से राहत मिलना और उस राहत तक भौतिक रूप से पहुंचना दोनों कितनी बड़ी और अलग चुनौतियां हैं।

NEET UG 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने दी चेतावनी, फर्जी दस्तावेजों पर एडमिशन रद्द

Education News: छत्तीसगढ़ में चल रही NEET UG Counselling 2026 की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय विद्यार्थियों के अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि डोमिसाइल या प्रवेश से जुड़े अन्य दस्तावेजों को लेकर यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत सामने आती है, तो उसकी अत्यंत गंभीरता से उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राज्य में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और निर्धारित नियमों के तहत ही संचालित की जा रही है, जिसमें मूल दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य शर्त है। छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के तहत सभी अभ्यर्थियों के मूल निवासी प्रमाण-पत्र और श्रेणी से जुड़े दस्तावेजों की कड़ी संवीक्षा की जा रही है, और पात्रता सही पाए जाने पर ही प्रवेश को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही नियम 12 के अंतर्गत यदि कोई भी छात्र गलत जानकारी देकर, तथ्यों को छिपाकर या किसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल करता हुआ पाया जाता है, तो उसका प्रवेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ने का वास्तविक और पूरा लाभ केवल और केवल राज्य के पात्र और मेहनती स्थानीय विद्यार्थियों को ही मिले।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का बड़ा अलर्ट: फर्जी बुकिंग वेबसाइटों से रहें सावधान

Weather Alert: छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर घूमने जाने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड के संज्ञान में कुछ ऐसी अनधिकृत वेबसाइट्स और संदिग्ध सोशल मीडिया पेज आए हैं जो छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम पर फर्जी बुकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं और भोले-भाले पर्यटकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर ठग छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम, लोगो और सुंदर तस्वीरों का दुरुपयोग करके पर्यटकों को आकर्षक दरों पर कमरे, टूर पैकेज और रिजॉर्ट बुकिंग का झांसा दे रहे हैं और ऑनलाइन भुगतान करवाकर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने सभी पर्यटकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी पर्यटन स्थल, होटल या होमस्टे की बुकिंग के लिए केवल और केवल आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in का ही पूरी तरह से उपयोग करें। बोर्ड ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के निजी खाते या संदिग्ध मोबाइल नंबर पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर रायपुर स्थित गढ़ कलेवा सूचना केंद्र या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों (+91-7714224600, 18001026415) पर संपर्क करके पुष्टि जरूर कर लें। पर्यटकों को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय पूरी सावधानी बरतें ताकि उनकी छुट्टियां सुरक्षित और बिना किसी बाधा के आनंददायक गुजर सकें।

बलौदाबाजार फर्जी ट्रांसफर आदेश मामला: दो आरोपी RMA अस्पताल में भर्ती

Crime Update: बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र में उजागर हुए बहुचर्चित फर्जी ट्रांसफर आदेश के मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है, जिसमें नया मोड़ तब आया जब गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से दो ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन और रवि कुमार सेन को जेल दाखिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी उन्हें अचानक पेट दर्द और तेज लूज मोशन की शिकायत होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को पहले पलारी के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनकी हालत में सुधार न होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया गया। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को रात में पेट दर्द की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था, और अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सीय हिदायतों के साथ डिस्चार्ज किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की गिरफ्त में आने के ठीक बाद आरोपियों के इस प्रकार अचानक बीमार पड़ने को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं, और कई सूत्रों का यह भी मानना है कि यह जेल जाने या कानूनी कार्रवाई से बचने का एक तरीका हो सकता है। अस्पताल से डिस्चार्ज मिलते ही पुलिस दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल करने की आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी।

छत्तीसगढ़ एनएच-30 पर ट्रक ड्राइवरों का भारी चक्काजाम, आरटीओ पर बदसलूकी का आरोप

Politics: बालोद जिले के अंतर्गत नेशनल हाईवे-30 पर आरटीओ विभाग की चेकिंग के दौरान कथित रूप से एक ट्रक ड्राइवर के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के विरोध में रविवार को ट्रक चालकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर्स ने ग्राम मुजालगोंदी के पास अपने भारी-भरकम वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े करके अनिश्चितकालीन चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का सीधा आरोप था कि आरटीओ विभाग के एक अधिकारी ने चेकिंग के नाम पर न केवल उनके साथ अमानवीय गाली-गलौच और मारपीट की, बल्कि ट्रक में लोड सामान की जरूरी बिल्टी और दस्तावेज भी जबरन अपने साथ ले गए। इस अचानक हुए उग्र चक्काजाम से महामार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और आम यात्रियों को भीषण गर्मी और परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और ड्राइवरों को समझाने का प्रयास किया, जिन्होंने आरटीओ अधिकारी से सार्वजनिक माफी मांगने और अवैध वसूली पर रोक लगाने की पुरजोर मांग रखी। करीब तीन घंटे चले इस भारी हंगामे और प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसके बाद दोपहर करीब 12 बजे ड्राइवरों ने जाम को समाप्त किया और यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया।

बिलासपुर में कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला: 5 लाख की सुपारी देने वाला फरार गिरफ्तार

Crime Update: बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे अस्पताल के पास सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए खौफनाक जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार मुख्य साजिशकर्ता को धर दबोचा है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने महज पांच लाख रुपए की फिरौती और सुपारी के लालच में कांग्रेस नेता को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी, जिसमें पूर्व में नितिन टेकाम और एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह की है जब श्याम कश्यप वॉक पर निकले थे और तीन नकाबपोश बदमाशों ने डंडे और नुकीली वस्तुओं से उन पर हमला कर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गौरेला के समता नगर निवासी फरार आरोपी साहिल सोनकर को उसके घर के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि गौरेला-पेंड्रा निवासी दीपक तिवारी ने बिलासपुर के कांग्रेस नेता की हत्या के लिए पांच-पांच लाख रुपए देने का लालच दिया था, जिसके इशारे पर यह हमला किया गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

रायपुर में कथित धर्मांतरण को लेकर बवाल, पुलिस स्टेशन परिसर में प्रदर्शन

Politics: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खमतराई थाना परिसर के बाहर शनिवार की देर रात कथित धर्मांतरण के एक गंभीर मामले को लेकर भारी बवाल और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। गांधी चौक न्यू आनंद नगर के रहने वाले 32 वर्षीय मोबाइल दुकान संचालक तरेन्द्र कुमार वर्मा ने सुषमा कौशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे नामक तीन महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाया कि उन्होंने उसे तरह-तरह के प्रलोभन देकर और हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। पीड़ित युवक ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी महिलाएं उसकी दुकान पर आती थीं और उन्होंने यीशु की प्रार्थना करने से सारे दुख-दर्द दूर होने का दावा करते हुए उसे अपने घर पर आयोजित एक प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए बुलाया था, जहां करीब 20-25 लोगों के सामने उसे ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के तमाम कार्यकर्ता आक्रोशित होकर खमतराई थाने पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए, जिसके जवाब में बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग भी थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंच गए। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के तहत रायपुर कमिश्नरेट में इस हाई-वोल्टेज मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई है, और पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए गहन जांच शुरू कर दी है, जबकि तनाव को देखते हुए पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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