
Chhattisgarh Unemployment Data: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और तकनीकी डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। बीटेक, एमटेक, एमबीए और पीएचडी जैसी पढ़ाई पूरी करने के बावजूद युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल पा रहा है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 7 लाख 22 हजार 942 शिक्षित और प्रशिक्षित युवा पंजीकृत हैं।
7.22 लाख पंजीकृत युवाओं में हर वर्ग के अभ्यर्थी शामिल
रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास विभाग के पोर्टल पर दर्ज ब्यौरे से पता चलता है कि नौकरी की तलाश करने वालों में हर शैक्षणिक योग्यता के लोग शामिल हैं। इनमें 5वीं और 8वीं पास से लेकर 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, इंजीनियरिंग डिप्लोमा, बीसीए, एमसीए और पीजीडीसीए धारक शामिल हैं। तकनीकी रूप से दक्ष होने के बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं को निजी या सरकारी क्षेत्र में स्थायी अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
कागजों में अटका 1.27 लाख करोड़ का निवेश, 216 में से सिर्फ 25 उद्योग शुरू
राज्य में बेरोजगारी का एक मुख्य कारण औद्योगिक निवेश का उम्मीद के मुताबिक जमीन पर न उतरना है। पिछली सरकार के दौरान 1.27 लाख करोड़ रुपये के 216 औद्योगिक अनुबंध (एमओयू) किए गए थे। हालांकि, इनमें से केवल 25 उद्योगों में ही व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो सका, जबकि 10 प्रतिशत निवेश भी धरातल पर नहीं आ पाया। इस स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की है, जिससे नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में सबसे ज्यादा बेरोजगार युवा
प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में नौकरी की तलाश कर रहे पंजीकृत युवाओं की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है:
- बिलासपुर: 47,718
- दुर्ग: 47,639
- रायपुर: 47,633
- जांजगीर-चांपा: 34,518
- बालोद: 33,920
- कोरबा: 30,446
- धमतरी: 28,863
- राजनांदगांव: 26,658
- सरगुजा: 25,526
- मुंगेली: 22,348
वर्षवार आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ही 7 लाख से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं।
बेरोजगारी के तीन मुख्य कारण और आने वाले समय के अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में बेरोजगारी के पीछे तीन प्रमुख वजहें हैं। पहला, युवाओं का पूरी तरह सरकारी भर्तियों पर निर्भर रहना। दूसरा, स्टार्टअप और नए व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल की कमी। तीसरा, बड़े शहरों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आईटी, सॉफ्टवेयर और डेटा सेंटर जैसे टेक क्लस्टर का विकसित न होना। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, आईटीईएस और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ेंगे, जिसके लिए युवाओं को नए कौशल सीखने होंगे।
सरकार तैयार कर रही विशेष एक्शन प्लान
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजू एस. ने बताया कि स्किल्ड और नॉन-स्किल्ड दोनों श्रेणियों के युवाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र को एक साथ जोड़ने के लिए नया पोर्टल बनाया जा रहा है। आने वाले समय में जिला और राज्य स्तर पर बड़े रोजगार मेलों का आयोजन करके युवाओं को सीधे अवसर दिए जाएंगे।



