CG Land New Rule: अब जमीन के सीमांकन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन

CG Land Demarcation Online: छत्तीसगढ़ में अब जमीन के सीमांकन के लिए आम जनता को तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने से मुक्ति मिलने जा रही है। राज्य शासन के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत आवेदक अब लोक सेवा केंद्र, सीएससी या चॉइस सेंटर, राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल और सेवासेतु ऐप के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करके नया मॉड्यूल सप्ताह भर के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

तहसील कार्यालयों में मैन्युअल आवेदन प्रक्रिया होगी पूरी तरह बंद

Chhattisgarh Revenue Department: विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार तहसील कार्यालयों में जाकर कागजी या मैन्युअल रूप से आवेदन जमा करने की व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है। अब कोई भी नया आवेदन ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा। नागरिक जैसे ही पोर्टल पर आवेदन करेंगे, वह सीधे संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार की डिजिटल आईडी में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक अपनी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही जमा करेंगे। आवेदक को अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से प्रक्रिया के हर चरण की अद्यतन स्थिति देखने की सुविधा मिलेगी।

पड़ोसी की आपत्ति न होने पर तहसील जाने की नहीं पड़ेगी आवश्यकता

Chhattisgarh Land News: सीमांकन की पूरी कार्यवाही अब डिजिटल मैपिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी की जाएगी। यदि सीमांकन की तारीख पर आसपास के किसी भू-स्वामी या पड़ोसी पक्ष की ओर से कोई लिखित आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आवेदक को किसी भी अधिकारी के दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन जारी कर दी जाएगी। केवल किसी पक्ष द्वारा औपचारिक रूप से आपत्ति जताए जाने की स्थिति में ही दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए तहसील कार्यालय बुलाया जाएगा।

बिचौलियों का दखल होगा खत्म और तय सीमा में मिलेगा समाधान

राजस्व विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से आम नागरिकों की अनावश्यक भागदौड़ समाप्त होगी। मैन्युअल प्रक्रिया बंद होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। आवेदन के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी, जिससे लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा संभव हो सकेगा। आवेदकों को निर्धारित समय के भीतर प्रमाणित सीमांकन रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी।

जमीन से जुड़ी कई अन्य सुविधाएं भी पहले से मिल रही हैं ऑनलाइन

CG Seva Sethu Portal: प्रदेश में जमीन से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल करने का काम पहले से चल रहा है। वर्तमान में नागरिक घर बैठे डिजिटल हस्ताक्षर वाली बी-वन और पी-टू की प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकते हैं, जिस पर सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड दर्ज रहता है। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया और उसका स्टेटस भी पोर्टल पर देखा जा सकता है। इसके अलावा नजूल भूमि के रिकॉर्ड, परिवर्तित भूमि का विवरण, नजरी नक्शा और राजस्व अदालतों में चल रहे प्रकरणों की सुनवाई की स्थिति देखने की सुविधा भी नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी है।

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में राजस्व विभाग का बड़ा कदम

राजस्व विभाग ने नई सीमांकन प्रणाली को पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना है। कागजी कार्रवाई को खत्म करके पूरी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का मुख्य उद्देश्य जनता को दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। डिजिटल मैपिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भू-अभिलेखों के रखरखाव में होने वाली त्रुटियों को भी समय रहते ठीक किया जा सकेगा। इससे भू-विवादों में भी कमी आने की संभावना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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