
CJP Protest in Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी पदाधिकारियों ने सरकार पर युवाओं के साथ किए गए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है। सीजेपी की कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि आगामी 5 सितंबर को राजधानी दिल्ली में एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली स्थित पुलिस मुख्यालय तक जाएगा।
20 जून की वार्ता और 25 जनवरी का समझौता
CJP Protest Update: पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार और CJP के बीच 20 जून को वार्ता की शुरुआत हुई थी। बातचीत के दौरान सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 25 जनवरी को जब सरकार ने पार्टी की सभी मांगों पर सहमति जताई, तब जाकर प्रदर्शन स्थगित किया गया था। हालांकि, सहमति बनने के बाद भी अब तक छात्रों पर दर्ज आपराधिक केस खत्म नहीं किए गए हैं।
छात्रों पर केस वापस न होने से बढ़ा असंतोष
Delhi March on Sept 5: सीजेपी का आरोप है कि समझौता होने के महीनों बाद भी पुलिस द्वारा छात्रों को परेशान किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार को युवाओं के धैर्य को उनकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। कोर कमेटी की बैठक में कहा गया कि पार्टी के सद्भाव और विश्वास का इस्तेमाल सरकार अपनी जवाबदेही से बचने के लिए नहीं कर सकती। इसी वादाखिलाफी के विरोध में पार्टी को दोबारा दिल्ली में मार्च निकालने का फैसला लेना पड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट की मांग के बावजूद रिपोर्ट पेश न करने का दावा
प्रदर्शन के ऐलान के साथ ही CJP ने न्यायपालिका के निर्देशों का भी हवाला दिया। पार्टी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को केंद्र सरकार को निर्देश देकर प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर की विस्तृत सूची मांगी थी। इसके बावजूद तय समय सीमा के भीतर अदालत के सामने यह सूची पेश नहीं की गई।
इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक निकलेगा शांतिपूर्ण मार्च
5 सितंबर को प्रस्तावित इस प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। पार्टी कार्यकर्ता और छात्र इंडिया गेट पर एकत्रित होंगे, जहां से शांतिपूर्ण ढंग से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर पैदल मार्च किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि यदि समय रहते दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो यह आंदोलन आगे चलकर और व्यापक रूप ले सकता है।
सरकार को सीधी चेतावनी, धैर्य को न समझा जाए कमजोरी
सीजेपी ने सरकार को सख्त लहजे में सचेत किया है कि बार-बार बातचीत के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई न होना युवाओं के साथ छलावा है। 5 सितंबर के मार्च के जरिए पार्टी प्रशासन और पुलिस महकमे पर एफआईआर वापसी का दबाव बनाएगी। पार्टी का कहना है कि जब तक सभी निर्दोष छात्रों के नाम केस से नहीं हटाए जाते, तब तक कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा।



