
Cockroach Janata Party New Plan: नीट मामले पर उठे विवाद के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से देश की राजनीति में हलचल मच गई थी। इस घटनाक्रम के बाद से यह चर्चा तेज थी कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का अगला कदम क्या होगा। गुरुवार को पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस स्थिति पर अपनी योजना सामने रखी। उन्होंने महाराष्ट्र से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से एक नए जन-अभियान की घोषणा की।
जनता की समस्याओं को समझने की नई रणनीति
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिजीत दीपके ने बताया कि इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य सीधे आम नागरिकों से जुड़ना है। पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से मिलेंगे ताकि उनकी रोजमर्रा की दिक्कतों को दर्ज किया जा सके। इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ की जा रही है, जिसके बाद अन्य सामाजिक विषयों को इसमें शामिल किया जाएगा।
महंगी शिक्षा और कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर घेरा
‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान का ऐलान करते हुए अभिजीत दीपके ने देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं से लेकर उच्च शिक्षा और कोचिंग संस्थानों तक फीस लगातार बढ़ती जा रही है। दीपके के मुताबिक, शिक्षा की लागत इतनी बढ़ चुकी है कि यह मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है।
पारंपरिक चुनाव लड़ने से कॉकरोच पार्टी का इनकार
सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश की टिप्पणी पर व्यंग्य के तौर पर गठित हुई इस पार्टी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। यह चर्चा भी थी कि क्या यह संगठन छात्र आंदोलनों के सहारे प्रत्यक्ष चुनाव में उतरेगा। अभिजीत दीपके ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ना नहीं है।
प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी कॉकरोच जनता पार्टी
अभिजीत दीपके ने साफ किया कि उनकी पार्टी किसी पारंपरिक दल की तरह वोटों का गणित नहीं बिठाएगी। संगठन का मुख्य काम एक मजबूत ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करना होगा। वे स्थानीय स्तर पर नागरिकों के मुद्दों को चिन्हित करेंगे और उन्हें सुलझाने के लिए संबंधित विभागों व राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे। ‘क्या बोलती पब्लिक’ इस रणनीति की पहली कड़ी है।
मध्यम वर्ग और छात्रों को जोड़ने का मास्टर प्लान
कॉकरोच जनता पार्टी की नजर इस अभियान के जरिए सीधे तौर पर मध्यम वर्ग, अभिभावकों और युवा छात्रों पर है। महंगी फीस, कोचिंग संस्थानों की मनमानी और रोजगार जैसे विषयों को केंद्र में रखकर पार्टी अपनी साख मजबूत करना चाहती है। महाराष्ट्र से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार ले सकता है।



