चक्रवात ‘अर्नब’ के कहर से छत्तीसगढ़ में धान और फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी

Cyclone Arnab Crop Advisory: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित खतरे और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों और आम नागरिकों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लगातार चल रही तेज हवाओं और मानसूनी हलचल के बीच खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल के साथ-साथ फल, सब्जियों और पशुधन की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

फसल सुरक्षा और कटाई को लेकर जरूरी निर्देश

CG Weather Farmer Alert 2026: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए खेती-किसानी से जुड़े महत्वपूर्ण कदम उठाने की सलाह दी गई है:

  • कटाई रोकें: जिन किसानों की धान, दलहन या तिलहन की फसलें पककर तैयार हैं, वे अगले 2 से 4 दिनों तक कटाई का कार्य टाल दें।
  • सुरक्षित भंडारण: जिन खेतों में कटाई हो चुकी है, वे कटी हुई फसलों को तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। तिरपाल से ढकते समय यह ध्यान रखें कि नीचे नमी न रुके और पानी जमा न हो।
  • जल निकासी: खेतों में पानी भरने से रोकने के लिए तुरंत अतिरिक्त पानी की निकासी की पक्की व्यवस्था करें।
  • उतेरा फसल और बुवाई: जो किसान उतेरा फसल (तिवरा या अलसी) बोने की सोच रहे हैं, वे अभी कुछ दिन रुक जाएं। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले हफ्ते से मौसम साफ होने पर शुरू करें।
  • फसल बीमा क्लेम: यदि फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान तुरंत बीमा कंपनी या कृषि विभाग को सूचना दें और नुकसान की तस्वीरें सुरक्षित रखें।

धान की गुणवत्ता और भंडारण के उपाय

  • गीली फसल को लंबे समय तक ढेर में बांधकर न रखें।
  • उपज को पूरी तरह सुखाने और नमी का स्तर सामान्य होने के बाद ही उसका भंडारण करें।
  • बीज के लिए रखी गई फसल को कीटों से बचाने के लिए अलग सुरक्षित स्थान पर रखें और गोदाम की छत व फर्श की जांच कर लें।

बागवानी, फल और सब्जियों के लिए विशेष चेतावनी

  • त्वरित कटाई: पक चुकी सब्जियों और बागवानी फसलों को तुरंत तोड़कर बाजार भेजने का प्रबंध करें।
  • लताओं और पौधों का सहारा: तेज हवाओं के बीच करेला, लौकी और कद्दूकस वर्गीय लताओं के लिए स्टेकिंग (सहारा) की व्यवस्था करें। जिन केलों में फल आ चुके हैं, उन्हें बांस का सहारा दें।
  • उर्वरक और कीटनाशक: रासायनिक खादों का प्रयोग मौसम पूरी तरह साफ होने के बाद ही करें।

पशुपालकों के लिए जरूरी सावधानियां

  • पशुओं को खुले में रखने के बजाय सूखे और सुरक्षित आशियाने में रखें।
  • वज्रपात और तेज हवा के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बिल्कुल न बांधें।
  • हरा-सूखा चारा और पीने का साफ पानी सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं में सुस्ती या बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

खेतों और खलिहानों पर मंडराता संकट

Cyclone Arnab Impact On Farming: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कटाई के बाद खुले में पड़ी धान की फसल और खलिहानों की उपज के भीगने से दाने काले पड़ने और फफूंद लगने का खतरा पैदा हो गया है। लगातार नमी और बारिश से किसानों को आर्थिक क्षति का अंदेशा है, जिससे वे अपनी उपज बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। खराब मौसम के कारण जनजीवन और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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