
Ration Card Scam Bhakhara: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की भखारा नगर पंचायत से सरकारी योजनाओं में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत जारी राशन कार्डों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। कई राशन कार्डों में हितग्राहियों के लिंग बदल दिए गए हैं, तो दर्जनों ऐसे काल्पनिक नाम शामिल कर दिए गए हैं, जिनका इलाके में कोई अस्तित्व ही नहीं है। इस मामले का खुलासा होते ही नगर पंचायत प्रशासन और खाद्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर जनदर्शन में RTI कार्यकर्ता ने खोला फर्जीवाड़े का राज
Dhamtari Collector Jandarshan Complaint: मामले की पूरी परतें उस समय खुलीं जब भखारा क्षेत्र के एक आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता ने मंगलवार को धमतरी पहुंचकर कलेक्टर जनदर्शन में सीधे शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने प्रामाणिक दस्तावेजों और सबूतों के साथ दावा किया कि अकेले भखारा नगर पंचायत क्षेत्र में ही लगभग 1,000 राशन कार्डों में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है। जनदर्शन में शिकायत पहुंचते ही प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मर्द की जगह औरत का नाम और अस्तित्वहीन लोगों की एंट्री
शिकायतकर्ता द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, कई राशन कार्डों में असली हितग्राहियों के डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई है। कार्डों में दर्ज जानकारी में पुरुषों की जगह महिलाओं और महिलाओं की जगह पुरुषों का नाम दर्ज कर दिया गया है। इसके अलावा राशन की कालाबाजारी और अवैध उठाव के लिए ऐसे फर्जी नाम भी कार्ड में जोड़े गए हैं, जो संबंधित वार्डों में कभी रहते ही नहीं थे। स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि यह पूरा खेल निचले स्तर के कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में भी धांधली की आशंका
PM Awas and Ration Fraud: शिकायत में यह अंदेशा भी जताया गया है कि यह फर्जीवाड़ा केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है। राशन कार्ड को मुख्य पहचान दस्तावेज बनाकर प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं में भी अपात्र और फर्जी हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि यदि भखारा नगर पंचायत की सभी हितग्राही आधारित योजनाओं का बारीकी से सोशल ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर हो सकता है।

बार-बार शिकायत के बाद अब कलेक्टर ने लिया संज्ञान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस धांधली की शिकायत पहले भी ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार की जा चुकी थी, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया जाता था। मंगलवार को जब मामला सीधे कलेक्टर के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच टीम गठित करने और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगा PDS घोटाले का सच
इस मामले में अब जांच शुरू होने के बाद नगर पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे भखारा क्षेत्र में डोर-टू-डोर सत्यापन कराकर फर्जी राशन कार्डों को निरस्त किया जाए और सरकारी राशन व योजनाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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