पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख 30 हजार की ठगी

Fraud Case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक युवक से ₹11 लाख 30 हजार की रकम अलग-अलग किश्तों में वसूली, लेकिन न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए।

शिकायत के बाद खुला ठगी का मामला

पुलिस के अनुसार, युवक को नौकरी का झांसा देकर आरोपियों ने पहले विश्वास में लिया और फिर रकम किश्तों में ली।
काफी समय बीत जाने के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। आख़िरकार युवक ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

दो आरोपी गिरफ्तार, छह अभी भी फरार

जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि छह आरोपी अब भी फरार हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • उत्तरा सिदार, प्रोफेसर, रायगढ़ डिग्री कॉलेज
  • संजू यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर

फरार आरोपियों की तलाश जारी

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि शेष फरार आरोपियों की तलाश तेज़ी से जारी है।
पुलिस टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी है, और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

ठगी का तरीका: नौकरी का झांसा और किश्तों में रकम वसूली

सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित युवक को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।
उन्होंने कहा था कि “उच्च अधिकारियों से संपर्क है” और कुछ रकम देकर नौकरी पक्की करवा दी जाएगी।
इसके बाद उन्होंने अलग-अलग बहानों से किश्तों में पैसे वसूल लिए।
लेकिन न तो कोई नियुक्ति पत्र मिला और न ही कोई प्रक्रिया आगे बढ़ी।

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला

पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में धोखाधड़ी (Cheating) के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि शेष आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।

रायगढ़ पुलिस की अपील नौकरी के झांसे में न आएं

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर पैसे न दें।
सरकारी नौकरियों के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल या भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से ही आवेदन करें।
किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत स्थानीय थाने या साइबर सेल को दें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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