सुशासन के लिए सेहत जरूरी: छत्तीसगढ़ सरकार के चिंतन शिविर में गूंजा योग का संदेश, मंत्रियों संग मुख्यमंत्री ने प्राणायाम कर बढ़ाई ऊर्जा

छत्तीसगढ़ सरकार के ‘चिंतन शिविर 3.0’ के दूसरे दिन की शुरुआत बेहद ऊर्जावान और सकारात्मक माहौल में हुई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार सुबह की शुरुआत पूरे मंत्रिमंडल के साथ योगाभ्यास करके की. भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर के आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया था. इस सत्र में मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ मिलकर कई तरह के योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया और राज्य के विकास के लिए मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को सबसे जरूरी बताया.

योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री साय

योगाभ्यास सत्र के खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से बात करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की एक ऐसी अमूल्य धरोहर है जो निरोगी शरीर, शांत मस्तिष्क और एक बेहद संतुलित जीवन की नींव रखती है. मुख्यमंत्री ने आगे जोड़ा कि हर रोज योग करने से न केवल हमारी शारीरिक और मानसिक कार्यक्षमता मजबूत होती है, बल्कि यह इंसानी जीवन को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीना भी सिखाता है. उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ वासियों से अपील की कि वे योग को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में जरूर शामिल करें.

बेहतर निर्णय क्षमता और सुशासन के लिए फिटनेस है पहली शर्त

मुख्यमंत्री साय ने प्रशासनिक कार्यों में सुशासन की अहमियत बताते हुए कहा कि जनता के हित में सही और प्रभावी फैसले लेने के लिए शासकीय नेतृत्व का शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहना बेहद आवश्यक है. इसी सोच के साथ इस तीन दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान दिन की शुरुआत योग से करने का निर्णय लिया गया. सुबह के समय योगाभ्यास करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और एकाग्रता बढ़ती है जिससे राज्य की तरक्की से जुड़े बड़े और महत्वपूर्ण विषयों पर मंत्रियों के बीच अधिक सार्थक और गंभीर विचार-विमर्श संभव हो पाता है.

सामूहिक योगाभ्यास से टीम वर्क और अनुशासन को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री का मानना है कि पूरी कैबिनेट का इस तरह एक साथ मिलकर योग करना सिर्फ एक शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का बड़ा संदेश देता है. इस आयोजन से चिंतन शिविर में शामिल सभी मंत्रियों और अधिकारियों के भीतर एक नई ऊर्जा का प्रवाह होगा जिससे सरकारी कामकाज में भी टीम वर्क की भावना मजबूत होगी. विशेषज्ञों की देखरेख में आयोजित इस सत्र के दौरान तनाव प्रबंधन और काम के दबाव के बीच खुद को शांत रखने के कई गुर भी साझा किए गए.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित कैबिनेट के तमाम मंत्री सत्र में रहे मौजूद

नवा रायपुर आईआईएम में आयोजित इस विशेष योग सत्र में सरकार के लगभग सभी प्रमुख चेहरों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने योगासन किए. इनके अलावा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित आईआईएम रायपुर के वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी भी चटाई पर बैठकर प्राणायाम करते नजर आए.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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