
Korea News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है. यहां सोनहत विकासखंड के एक ग्राम पंचायत की आदिवासी महिला सरपंच को पंचायत की आधिकारिक बैठक के दौरान ही जिंदा जलाकर मारने की खौफनाक धमकी दी गई है. आरोपियों ने डराने के लिए इलाके के चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड जैसी वारदात को दोहराने की बात कही. पीड़ित महिला सरपंच की लिखित शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो सगे संबंधियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न कड़क धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है.
पंचायत भवन में चल रही बैठक के बीच हुआ विवाद
यह पूरी घटना सोनहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत की है. मिली जानकारी के अनुसार 30 जून की दोपहर को पंचायत भवन के भीतर सचिव और तमाम पंचों की मौजूदगी में एक आवश्यक बैठक बुलाई गई थी. सभी लोग विकास कार्यों को लेकर चर्चा कर रहे थे कि तभी गांव का रहने वाला जयकरण साहू अचानक दफ्तर के भीतर दाखिल हुआ. वह पंचायत कार्यालय में आकर अपने निजी नलकूप (बोर) से संबंधित कुछ पैसों के भुगतान की मांग करने लगा जिसे लेकर विवाद की स्थिति बन गई.
सरपंच के इनकार करने पर की जातिगत टिप्पणी
जब महिला सरपंच मानमति सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए तुरंत नकद भुगतान करने से साफ मना कर दिया तो जयकरण साहू गुस्से से आगबबूला हो गया. उसने सबके सामने ही महिला सरपंच को अपशब्द और गालियां देना शुरू कर दिया. महिला सरपंच का आरोप है कि आरोपी को अच्छी तरह पता था कि वे आदिवासी समुदाय से आती हैं और एक महिला प्रतिनिधि हैं इसके बावजूद उसने जानबूझकर सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ अमर्यादित और जातिगत टिप्पणियां कीं जिससे वहां मौजूद अन्य लोग भी हैरान रह गए.
सगे भतीजे ने भी दी जान से मारने की खौफनाक धमकी
विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि कुछ ही देर बाद जयकरण साहू का भतीजा राजेंद्र साहू भी पंचायत भवन पहुंच गया. उसने अंदर आते ही माहौल को और ज्यादा खराब कर दिया और सरपंच के साथ दुर्व्यवहार करने लगा. आरोप है कि राजेंद्र ने महिला सरपंच को धमकाते हुए कहा कि पद मिलने के बाद ज्यादा उड़ने की जरूरत नहीं है. इसके बाद उसने उपस्थित सचिव और बाकी पंचों को भी डराया-धमकाया और शाम तक सरपंच को जान से खत्म करने की सीधी धमकी दे डाली.
नौगई तिहरे हत्याकांड जैसी वारदात दोहराने का जिक्र
इस पूरे विवाद में सबसे डरावना पहलू यह रहा कि आरोपियों ने सरपंच को डराने के लिए सोनहत इलाके के ही ग्राम नौगई में पिछले दिनों हुए तिहरे हत्याकांड का सहारा लिया. गौरतलब है कि नौगई में 16 जून की रात को भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों को कार के भीतर जिंदा जलाकर मार डाला गया था. राजेंद्र ने इसी दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए सरपंच को भी गाड़ी सहित फूंकने की बात कही. इस धमकी के बाद महिला सरपंच बुरी तरह सहम गईं और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.
सहमी सरपंच ने पति और पंचों के साथ जाकर दर्ज कराया मामला
घटना के तुरंत बाद महिला सरपंच मानसिक रूप से काफी डर गई थीं. उन्होंने तुरंत फोन कर अपने पति को पंचायत भवन बुलाया. इसके बाद वहां मौजूद अन्य पंचों की मदद से वे सुरक्षित अपने घर पहुंचीं. घर पर वरिष्ठ ग्रामीणों और पंचों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद वे सोनहत थाने पहुंचीं और आपबीती सुनाई. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया और जयकरण साहू तथा राजेंद्र साहू के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली.
कानून की इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
सोनहत थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कस दिया है. पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) की धारा 3(1)(r)(s) के तहत मामला कायम किया है. इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 3(5) और 351(3) के तहत भी कानूनी केस दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है.
गुंडा सूची में शामिल है मुख्य आरोपी, पहले से दर्ज हैं कई केस
शिकायत के दौरान महिला सरपंच ने पुलिस को आरोपी राजेंद्र साहू के पुराने आपराधिक इतिहास के बारे में भी बताया. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक राजेंद्र साहू का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड काफी खराब रहा है. साल 2008 से लेकर 2022 के बीच उसके खिलाफ स्थानीय थानों में मारपीट और शरीर संबंधी गंभीर अपराधों के करीब छह मामले पहले से दर्ज हैं. इसके अलावा उसके खिलाफ दस बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयां भी हो चुकी हैं. उसकी लगातार बढ़ती गुंडागर्दी को देखते हुए जनवरी 2023 में पुलिस अधीक्षक की मंजूरी के बाद पुलिस ने उसका नाम इलाके की आधिकारिक गुंडा सूची में भी शामिल किया था.



