
छत्तीसगढ़ में पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति परीक्षा के पेपर लीक घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ठोस प्रमाण मिलने पर ब्यूरो ने दो सहायक सांख्यिकी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, और इस मामले में अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी सहायक सांख्यिकी अधिकारी पद पर थे तैनात
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है। आरोपियों में वीरेन्द्र जाटव, जो कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख रायपुर में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर तैनात थे, और हेमंत कौशिक, जो कार्यालय क्षेत्रीय उप आयुक्त भू-अभिलेख रायपुर में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर तैनात थे, शामिल हैं।
पैसों की वसूली और अनुचित लाभ पहुँचाने का गंभीर आरोप
जांच में सामने आया है कि इन दोनों अधिकारियों ने अपने निजी लाभ और वरिष्ठ अधिकारियों को अनुचित फायदा पहुँचाने की मंशा से यह षड्यंत्र रचा। आरोप है कि उन्होंने परीक्षार्थियों से भारी रकम वसूल की। इसके एवज में उन्होंने पटवारी से राजस्व निरीक्षक प्रमोशन परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र लीक किए और परीक्षा पूर्व ही अभ्यर्थियों को प्रश्नों की तैयारी करवाकर उन्हें अनुचित लाभ पहुँचाया।
डिजिटल साक्ष्य बने गिरफ्तारी का आधार, पैसों के लेन-देन के प्रमाण
एसीबी और ईओडब्ल्यू टीम को इस मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं, जिनसे आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होती है। जांच एजेंसी के कब्जे में आरोपियों द्वारा पैसों के लेन-देन, प्रश्नपत्र तक पहुँच और अभ्यर्थियों से संपर्क के ठोस प्रमाण मौजूद हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित स्तर पर चल रहा भ्रष्टाचार का बड़ा मामला है, और डिजिटल साक्ष्य ही गिरफ्तारी का मुख्य आधार बने हैं।
कई अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध, बड़ी कार्रवाई की संभावना
इस मामले में कई अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। जांच एजेंसी अभी भी मामले से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और व्हाट्सऐप चैट की बारीकी से जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू और एसीबी ने संकेत दिए हैं कि यह भ्रष्टाचार का एक संगठित मामला है, जिसमें आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई और अन्य नामों के सामने आने की संभावना है।
पटवारी से राजस्व निरीक्षक पेपर लीक मामले के मुख्य बिंदु
निम्नलिखित 11 मुख्य बिंदु हैं जो इस घोटाले को रेखांकित करते हैं:
- पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) प्रमोशन परीक्षा का पेपर लीक।
- EOW और ACB द्वारा बड़ी कार्रवाई।
- दो सहायक सांख्यिकी अधिकारी गिरफ्तार।
- गिरफ्तार आरोपी: वीरेन्द्र जाटव और हेमंत कौशिक।
- वरिष्ठ अधिकारियों को अनुचित फायदा पहुँचाने का आरोप।
- परीक्षार्थियों से भारी रकम वसूलने का आरोप।
- परीक्षा पूर्व ही अभ्यर्थियों को प्रश्नों की तैयारी करवाना।
- महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त।
- पैसों के लेन-देन और व्हाट्सऐप चैट के प्रमाण मौजूद।
- संगठित स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार का मामला।
- कई अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध।
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