
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत तीसरे और अंतिम चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में निकाली गई इस लॉटरी में 156 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं। हालांकि तीन चरणों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी जिले के निजी विद्यालयों में 384 सीटें रिक्त रह गई हैं, जिन पर इस शैक्षणिक सत्र में प्रवेश होना मुश्किल नजर आ रहा है।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने बटन दबाकर पूरी की अंतिम चरण की लॉटरी
Chhattisgarh School RTE Admission: दुर्ग के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ऑनलाइन बटन दबाकर तीसरे चरण की लॉटरी जारी की। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप और विपिन सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष तरीके से सीटों का आवंटन किया गया।
840 आवेदकों में से 156 बच्चों को आवंटित हुईं निजी स्कूलों में सीटें
RTE Admission Durg 2026: तीसरे चरण की लॉटरी में कुल 840 आवेदक शामिल हुए थे। इनमें 156 नए आवेदन थे, जबकि 684 बच्चे ऐसे थे जो पिछले चरणों की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में शामिल थे। लॉटरी की प्रक्रिया से 156 बच्चों को उनकी पसंद के स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है। जिन बच्चों को इस चरण में सीटें आवंटित हुई हैं, उनके अभिभावक 17 से 27 अगस्त तक संबंधित स्कूलों में जाकर दस्तावेज जमा कर दाखिला ले सकते हैं।
प्रथम चरण में निर्धारित 1581 सीटों में से 946 बच्चों ने ही लिया था प्रवेश
सत्र 2026-27 के लिए दुर्ग जिले के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए कुल 1581 सीटें निर्धारित की गई थीं। पहले चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे, लेकिन भौतिक सत्यापन और अन्य कारणों से केवल 946 बच्चों ने ही वास्तव में प्रवेश लिया। पहले चरण के बाद बची हुई 481 सीटों और ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को मिलाकर दूसरे चरण के लिए कुल सीटें 635 हो गई थीं।
दूसरे चरण के बाद बची थीं 540 सीटें, अब भी 384 पद रह जाएंगे रिक्त
दूसरे चरण की लॉटरी के जरिए 150 बच्चों को सीटें आवंटित की गईं। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर कुल 1041 छात्रों के प्रवेश लेने के बाद भी 540 सीटें खाली रह गई थीं। इन्हीं 540 रिक्त सीटों को भरने के लिए तीसरे चरण का आयोजन किया गया था। अब तीसरे चरण में 156 सीटों के आवंटन के बावजूद जिले के निजी स्कूलों में 384 सीटें बिना प्रवेश के ही रह जाएंगी।



