
धमतरी: जिले में साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड जारी करने जैसी गंभीर गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसपी के निर्देशन में थाना सिटी कोतवाली और थाना सिहावा पुलिस द्वारा की गई।

पहला मामला: आरोपी ने आधार और बायोमेट्रिक से फर्जी सिम जारी किया
धारा 319(2), 318(4) बीएनएस एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट
● आरोपी का नाम:
- नागेन्द्र साहू, पिता होमलाल साहू, उम्र 26 वर्ष
निवासी गौरा चौरा, लालबगीचा, थाना सिटी कोतवाली, धमतरी
● मामला:
प्रार्थी रविंदर सिंह अजमानी की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया, जिसमें आरोपी नागेन्द्र साहू ने मई-जून 2024 में उनका आधार कार्ड, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और लाइव फोटो लेकर फर्जी सिम (7089353106) जारी किया।
● जब्त सामान:
- 1 नग POS सिम (7415532227)
- 1 नग वनप्लस टी मोबाइल
- 1 नग मंत्रा कंपनी की फिंगरप्रिंट मशीन
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
दूसरा मामला: दो POS ऑपरेटर फर्जी पहचान पर सिम बेचते पकड़े गए
धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(सी) आईटी एक्ट
● आरोपियों के नाम:
- उमेश साहू, पिता द्वारिका साहू, उम्र 24 वर्ष
निवासी ग्राम इर्रा, थाना भखारा, जिला धमतरी - वासुदेव साहू उर्फ वासु, पिता उमाकांत साहू, उम्र 28 वर्ष
निवासी विद्यावासिनी वार्ड, थाना सिटी कोतवाली, जिला धमतरी
● मामला:
दोनों आरोपी POS ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहे थे और फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी कर रहे थे। जांच में अपराध प्रमाणित होने पर दो मोबाइल फोन जब्त किए गए।
दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

तीसरा मामला: बिना वैध सत्यापन के POS से सिम जारी करता था आरोपी
धारा 66(c) आईटी एक्ट एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023
● आरोपी का नाम:
- ओनिल कुमार साहू, पिता लिखन लाल साहू, उम्र 21 वर्ष
निवासी नवागांव, वार्ड क्रमांक 8, थाना बोरई, जिला धमतरी
● मामला:
आरोपी द्वारा बिना वैधानिक सत्यापन प्रक्रिया के फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे। इससे दूरसंचार की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, साइबर अपराध पर रोक लगाने का प्रयास
धमतरी पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि फर्जी सिम कार्ड जारी करने जैसे अपराध अब कानून की नजर से नहीं बच पाएंगे। यह कदम राज्य में साइबर सुरक्षा और टेलीकॉम फ्रॉड पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Also Read: राजिम में बिक रहा था नकली कफ सिरप, उसी कंटेंट से राजस्थान में हुई थी बच्चों की मौत; मेडिकल स्टोर सील, संचालक पर होगी कड़ी कार्रवाई



