
कबीरधाम: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन कबीरधाम जिले में तैयारियां अब भी अधूरी हैं। जिले में बनाए गए 103 उपार्जन केंद्रों में से कई केंद्रों पर धान रखने के लिए चबूतरा निर्माण का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि खरीदी शुरू होने में केवल दो सप्ताह का समय बचा है।
किसानों और एजेंसी को फिर झेलनी पड़ सकती है असुविधा
कबीरधाम जिला धान उत्पादन के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में से एक है, इसलिए यहाँ 103 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद, कई केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। चबूतरा निर्माण में देरी के कारण किसानों और खरीदी एजेंसियों को एक बार फिर असुविधा झेलनी पड़ सकती है। मजबूरी में कई केंद्रों पर धान को सुरक्षित रखने के लिए अस्थाई रूप से भूसे की ढेरी का सहारा लिया जा सकता है।
किसानों को उम्मीद थी कि इस बार व्यवस्थाएं बेहतर होंगी, लेकिन कई केंद्र वर्षों से बिना स्थायी ढांचे के चल रहे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश से बढ़ सकती हैं दिक्कतें
जिले में धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चलेगा। इस अवधि में मौसम में अनिश्चितता बनी रहती है और कभी भी तेज बारिश हो सकती है। ऐसी स्थिति में धान को सुरक्षित रखने के लिए कैप कवर के साथ-साथ चबूतरा का होना अनिवार्य है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले वर्ष की कमियों से कोई सबक नहीं लिया है। वर्तमान हालात को देखते हुए यह लग रहा है कि इस बार भी धान खरीदी की तैयारियां केवल औपचारिकता तक ही सीमित हैं, जिससे धान खराब होने का खतरा बना हुआ है।



