
CG Anukampa Niyukti: छत्तीसगढ़ सरकार ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब नक्सली हमलों में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को सिर्फ पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि वे राज्य के किसी भी विभाग और जिले में अनुकंपा नियुक्ति पा सकेंगे। साथ ही राज्य में खनिज संसाधनों के बेहतर और तकनीकी रूप से उन्नत उपयोग के लिए नया स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) भी गठित किया जाएगा।
शहीद परिवारों को अब नौकरी के ज्यादा विकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रायपुर में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को नौकरी देने की नीति में बड़ा बदलाव किया जाएगा। पहले तक शहीदों के परिवारों को केवल उसी विभाग या कार्यालय में नियुक्ति मिलती थी जहां दिवंगत पुलिसकर्मी तैनात था, लेकिन अब इस नियम को खत्म कर दिया गया है। नया नियम यह कहता है कि पात्र परिवार को राज्य के किसी भी विभाग और जिले में नियुक्ति दी जा सकेगी।
इस बदलाव के पीछे शहीद परिवारों की बढ़ती मांग और राजधानी में हुए प्रदर्शन भी हैं, जिनके बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जल्द हल करने का आश्वासन दिया था।
खनिज विकास के लिए स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन
कैबिनेट ने राज्य में खनिज संसाधनों के कुशल और सतत विकास के लिए स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) बनाने का भी फैसला किया। यह ट्रस्ट गौण खनिजों की खोज, विकास और अधोसंरचना निर्माण के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगा।
गौण खनिजों से मिलने वाली कुल रॉयल्टी में से 2% राशि इस ट्रस्ट के फंड में जाएगी, जिसका उपयोग नई खोज, सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और मानव संसाधन विकास में किया जाएगा। यह मॉडल केंद्र सरकार के नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के समान होगा।
सम्मान और विकास दोनों को मिली प्राथमिकता
इस फैसले से सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह नक्सली हमलों में शहीद हुए पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का सम्मान करने के साथ-साथ राज्य की खनिज संपदा के प्रभावी और तकनीकी दोहन को भी गंभीरता से ले रही है। शहीदों के परिजनों को बेहतर भविष्य देने के साथ-साथ खनिज संसाधनों से होने वाली आमदनी को भी बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।



