“भूपेश बघेल को राजनीति छोड़कर मौसम विभाग जॉइन कर लेना चाहिए” आखिर अजय चंद्राकर ने पूर्व CM को लेकर क्यों कही ये बात?..

Ajay Chandrakar Statement: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सियासत गरमा गई है। बीजेपी के फायरब्रांड विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेस अब पूरी तरह ‘व्यक्तिनिष्ठ पार्टी’ बनकर रह गई है। चंद्राकर ने आगे भूपेश बघेल के एक बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल को राजनीति छोड़कर मौसम विभाग में नियुक्ति ले लेना चाहिए। मौसम की जानकारी इतनी सटीक देते हैं कि मौसम वैज्ञानिक भी चकित हो जाएं।”

कांग्रेस आंदोलन: भूपेश बघेल के लिए या जनता के नाम पर?

Chhattisgarh Politics: कांग्रेस आज आर्थिक नाकेबंदी और विरोध-प्रदर्शन की राह पर है। लेकिन बीजेपी नेता अजय चंद्राकर ने इस पूरे आंदोलन की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए।

CG Congress Protest: उन्होंने कहा, जब देवेंद्र यादव जेल में थे, कवासी लखमा पर कार्रवाई हुई थी, तब तो कांग्रेस चुप बैठी थी। अब जब बात भूपेश बघेल के परिवार पर आई, तो पूरी पार्टी सड़क पर उतर गई। मतलब साफ है— कांग्रेस पार्टी के लिए जनता के मुद्दे और अपने ही विधायक की कोई अहमियत नही है। “आख़िर कांग्रेस के इस प्रदर्शन का मक़सद क्या है? आर्थिक नाकेबंदी किसके लिए की जा रही है और क्यों? जब देवेंद्र यादव जेल में थे और कवासी लखमा पर कार्रवाई हुई थी, तब पार्टी ने ऐसा कोई आंदोलन क्यों नहीं किया?”

“कांग्रेस अब व्यक्तिनिष्ठ पार्टी बन चुकी है” – चंद्राकर

BJP MLA Ajay Chandrakar: चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस अब ‘व्यक्ति केंद्रित’ पार्टी बन चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यह प्रदर्शन दिखाता है कि कांग्रेस व्यक्ति केंद्रित पार्टी बन गई है। कांग्रेस का जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है ,कांग्रेस को जनता के मुद्दों से कोई लेना देना नहीं है। इनकी पार्टी में भूपेश बघेल के अलावा और कोई नेता नहीं दिखता। इस आंदोलन से भूपेश बघेल ने अपने आप को नेता साबित कर दिया है। स्वयं नेता प्रतिपक्ष तक अपने विधायकों के लिए आंदोलन खड़ा नहीं कर पाए।”

Chhattaisgarh Congress: टीएस सिंहदेव, मोहम्मद अकबर और रविंद्र चौबे सभी वरिष्ठ नेता भी खामोश नजर आए। चंद्राकर ने कहा, “ऐसे लग रहा है कि कांग्रेस में सिर्फ एक ही नेता है। कांग्रेस को किसी विधायक, कार्यकर्ताओं से मतलब नहीं है।”

पेड़ कटाई पर बहस या मुद्दा भटकाने की कोशिश?

BJP vs Congress: कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि पेड़ कटाई को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया गया था और उसी दौरान कार्रवाई हुई, इस पर चंद्राकर ने साफ कहा कि पेड़ कटाई जैसे मुद्दों पर हमारे वन मंत्री पहले ही स्पष्ट कर जहाँ तक कार्यवाही की बात है तो “कोई भी जांच एजेंसी विधानसभा की कार्यसूची देखकर कार्रवाई नहीं करती। ये सिर्फ कांग्रेस का बहाना है।”

“सौभाग्य की बात है मेरे बेटे को देशभर के लोग जान गए” – भूपेश के इस बयान पर चुटकी

CG Liquor Scandal: शराब घोटाला मामले में गिरफ्तारी के बाद मीडिया में भूपेश बघेल ने कहा कि “सौभाग्य की बात है कि मेरा बेटा अब देशभर में जाना जाता है।” बघेल के इस बयान पर अजय चंद्राकर तंज कस्ते हुए कहा कि, “उनके लिए सौभाग्य की परिभाषा क्या है, ये अब समझ आ गया है। किस मुद्दे पर ख्याति मिली है, उस पर मुझे कुछ नहीं कहना।”

“भूपेश बघेल मौसम विभाग जॉइन कर लें” – अजय चंद्राकर का बघेल पर सियासी हमला

Bhupesh Baghel: भूपेश बघेल पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि “भूपेश बघेल को राजनीति छोड़कर मौसम विभाग में नौकरी करनी चाहिए। मौसम की जानकारी इतनी सटीक देते हैं कि मौसम वैज्ञानिक भी शर्मा जाएं।”

Resignation of the Vice President: दरअसल, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर भूपेश बघेल ने कहा था कि ‘भयंकर तूफान आने वाला है।’ इसी बयान को लेकर चंद्राकर ने तंज कसा और कहा कि “अगर इतनी सटीक जानकारी है तो मौसम विभाग में चले जाएं, वहीं ज़्यादा उपयोगी साबित होंगे।” चंद्राकर ने कहा कि, वे उपराष्ट्रपति महोदय के दीर्घायु जीवन की कामना करते है।

ED Action: ईडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर चंद्राकर ने कहा कि एजेंसियों को बदनाम करने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह न्यायालय की प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ एजेंसियों को राजनीतिक हथियार बताकर भागना चाहती है।”

Also Read: ED Press Release: ईडी ने किया बड़ा खुलासा, शराब घोटाले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने किया 16.70 करोड़ की अवैध कमाई ,यहां लगाया पैसा, कल कोर्ट में पेशी

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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