
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा टल गया। रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट के रनवे पर दौड़ते समय अचानक एक बंदर सामने आ गया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए जिससे विमान में सवार 135 यात्रियों को जोरदार झटका लगा। अचानक ब्रेक लगने से एक बार तो यात्रियों की सांसें अटक गईं लेकिन पायलट की सतर्कता से बड़ी अनहोनी टल गई। इस घटना के बाद विमान को वापस टैक्सी-वे पर लाया गया और पूरी जांच के बाद ही उड़ान की अनुमति दी गई।
रनवे पर बंदर देखते ही पायलट ने दिखाया साहस
एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8.55 बजे इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट (6ई 6521) के साथ हुई। विमान टेकऑफ के लिए रनवे पर रफ्तार पकड़ चुका था तभी पायलट की नजर सामने आए एक बंदर पर पड़ी। विमान की गति तेज होने के कारण पायलट ने बिना देरी किए इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया। झटके के कारण यात्री घबरा गए जिन्हें तत्काल क्रू मेंबर्स ने स्थिति की जानकारी देकर शांत कराया। प्लेन में सवार करीब आधे यात्री रायपुर के रहने वाले थे जिन्होंने इस साहसी निर्णय के लिए पायलट का आभार जताया है।
सुरक्षाकर्मियों ने बंदर को खदेड़ा, सवा घंटे लेट हुई उड़ान
रनवे पर वन्यजीव के आने से एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा में तैनात ‘फॉलो मी’ वाहन के कर्मचारियों ने फौरन मोर्चा संभाला और बंदर को रनवे से बाहर खदेड़ा। इस पूरी प्रक्रिया और तकनीकी जांच के कारण फ्लाइट अपने निर्धारित समय से करीब 1 घंटा 10 मिनट की देरी से रवाना हुई। विमान ने सुबह 10.05 बजे लखनऊ से रायपुर के लिए उड़ान भरी। नागरिक उड्डयन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और एयरपोर्ट प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि सुरक्षा घेरा तोड़कर बंदर रनवे तक कैसे पहुंचा।
टेकऑफ के समय रनवे इंट्रूजन क्यों है बेहद खतरनाक
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान रनवे पर किसी भी जीव या वस्तु का आना ‘रनवे इंट्रूजन’ कहलाता है जो जानलेवा साबित हो सकता है। यदि विमान उस जीव से टकरा जाता तो इंजन या पहियों को गंभीर क्षति पहुंच सकती थी जिससे विमान अनियंत्रित होकर पलट भी सकता था। बर्ड स्ट्राइक की तरह ही ऐसे मामलों में पायलट के पास निर्णय लेने के लिए कुछ ही सेकंड का समय होता है। लखनऊ एयरपोर्ट की इस घटना ने एक बार फिर हवाई अड्डों के आसपास वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।



