
CG Mega Scheme: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में ‘वीबी जी राम जी’ यानी विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना को आधिकारिक तौर पर लागू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर वर्तमान में पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों में युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं, जिसके तहत गांवों में विशेष चौपालों और ग्राम सभाओं का आयोजन कर लोगों को इसके फायदों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए मील का पत्थर बनेगी योजना
CG VBJI Ramji Scheme: आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद छत्तीसगढ़ के सुदूर व अंदरूनी ग्रामीण इलाकों से होने वाले पलायन पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। स्थानीय स्तर पर ही आजीविका के मजबूत और स्थायी साधन मिलने से ग्रामीणों की माली हालत में सुधार होगा। विशेषकर बेमेतरा जैसे मैदानी जिलों में इस मिशन को लेकर ग्रामीणों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहां लोग खुद आगे आकर इस सरकारी अभियान का हिस्सा बन रहे हैं और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं।
बेमेतरा में ग्रामीणों ने बनाई विशाल मानव श्रृंखला, नारों से किया जागरूक
योजना के जमीनी क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में लगातार ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रशिक्षण बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सांकरा और देवरी में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां ग्रामीणों ने योजना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर गांव की प्रगति के नारे लगाए और अन्य लोगों को भी इस मिशन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर की तारीफ
बेमेतरा के ग्रामीणों द्वारा किए गए इस अनूठे प्रयास की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। खुद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बेमेतरा की इस तस्वीर को साझा करते हुए ग्रामीणों की जागरूकता और आत्मविश्वास की जमकर सराहना की है। इसके साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी छत्तीसगढ़ के इस जन-जागरूकता मॉडल को सराहा है। योजना के सुचारू संचालन के लिए विभाग ने 30 जून 2026 तक सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फेसबुक लाइव के जरिए जनता से की जुड़ने की अपील
इस महायोजना की गंभीरता को देखते हुए सूबे के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने लाइव सत्र के दौरान ग्रामीणों को इस योजना से मिलने वाले सभी प्रत्यक्ष लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आह्वान किया कि हर पात्र ग्रामीण को इस योजना के तहत अपना पंजीयन कराना चाहिए। वर्तमान में विभाग द्वारा डिजिटल माध्यमों, प्रचार रथों और गांवों में पारंपरिक मुनादी कराकर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
30 जून तक ट्रेनिंग पूरी, 1 जुलाई से सीधे खातों में पहुंचेगा योजना का लाभ
इस महायोजना को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्रिस्तरीय यानी पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की समय-सीमा 30 जून 2026 तय की गई है। इसके ठीक अगले दिन यानी 1 जुलाई से योजना पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी। सरकार का दावा है कि योजना के लागू होते ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर रोजगार और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।



