Shivling Puja Niyam: सावन का दूसरा सोमवार आज, बेलपत्र और जल चढ़ाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि

Sawan Somwar 2026: सावन महीने के आते ही देशभर के शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। सावन माह में सोमवार के दिन का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार उत्तर भारत व कई राज्यों में इस वर्ष सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हुई है और इस बार कुल चार सावन सोमवार पड़ रहे हैं।

आज यानी 10 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूरी निष्ठा से व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

घर और मंदिर में इस आसान विधि से करें भगवान शिव की पूजा

Shivling Puja Niyam: सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा की निर्धारित विधि का पालन करना शुभ माना जाता है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम के समय तक पूजा के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • स्नान और संकल्प: सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करें और मन ही मन भगवान शिव व माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • जलाभिषेक और पंचामृत: घर के मंदिर में या पास के शिव मंदिर जाकर सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल अर्पित करें। इसके बाद अपनी इच्छानुसार दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करें।
  • पूजन सामग्री अर्पित करना: अभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं। फिर बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते और ताजे फूल अर्पित करें। ध्यान रखें कि बेलपत्र कहीं से कटा-फटा न हो और हमेशा उल्टा करके ही शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  • आरती और महामृत्युंजय मंत्र: शिवलिंग के समक्ष देसी घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। अंत में शिव चालीसा का पाठ कर आरती उतारें और प्रसाद बांटें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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