
रायपुर: CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। युवाओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पुनः निर्वाचन या राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने रायपुर पहुंचे और मिडिया पर अपनी बात कही। युवाओं का कहना है कि सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के वादों को पूरा नहीं किया है। और अब आंदोलन के डर से कुछ दिनों की अंतराल में 5000 शिक्षक भर्ती की बात करते नजर आ रहे है लेकिन कोई तय सीमा या भर्ती की कोई तारीख नहीं बता पा रहे है।
57,000 भर्ती का वादा पूरा नहीं होने से निराशा
बेरोजगार युवाओं ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार ने “मोदी की गारंटी” के तहत 57,000 शिक्षक भर्ती और तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33,000 शिक्षक भर्ती वर्ष 2024 में पूर्ण करने का वादा किया था। युवाओं का कहना है कि दोनों वादों को लगभग दो वर्ष होने को हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक एक भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
व्यापमं कैलेंडर में भर्ती का उल्लेख न होने से गुस्सा
युवाओं की निराशा तब और बढ़ गई जब हाल ही में जारी व्यापमं (CG Vyapam) के 2026 कैलेंडर में भी शिक्षक भर्ती का कोई उल्लेख नहीं मिला। युवाओं ने कहा कि पहले 57,000 भर्ती की बात थी, जिसे अब घटाकर 5,000 शिक्षक भर्ती की बात कही जा रही है। भले ही 24 अक्टूबर को 5,000 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल गई है, लेकिन परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित सूचना नहीं है।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, लगाई पुनः निर्वाचन की गुहार
बेरोजगार युवाओं ने राज्यपाल रमेन डेका को ज्ञापन सौंपने और अपनी माँग रखने रायपुर में एकत्रित हुए। युवाओं ने शिक्षक भर्ती में वादाखिलाफी को आधार बनाते हुए राज्य में तत्काल पुनः निर्वाचन (Fresh Elections) कराने या राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की बात कही।
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प्रशिक्षित शिक्षक संघ मनाएगा ‘ब्लैक डे’ और ‘कुशासन दिवस’
वादाखिलाफी से नाराज छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित शिक्षक संघ ने 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के दिन को “ब्लैक डे व कुशासन दिवस” के रूप में मनाने का फैसला किया है। संघ की जिला इकाइयों ने बैठक में यह निर्णय लिया।

राज्य स्थापना दिवस पर काले कपड़े पहनकर होगा आंदोलन
शिक्षक संघ ने घोषणा की है कि 1 नवंबर को राज्य के स्थापना दिवस के विरोध में सभी जिलों में काले रंग का वस्त्र पहनकर और काले झंडे के साथ जिला मुख्यालयों में आंदोलन किया जाएगा। संघ का आरोप है कि सरकार ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिसके विरोध में यह प्रतीकात्मक आंदोलन किया जाएगा।



