
रायपुर, 16 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने धमतरी और बालोद जिलों के किसानों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने दोनों जिलों की पांच महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण, जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी और सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा का सीधा विस्तार होगा।
धमतरी जिले में राजाडेरा जलाशय और खट्टी एनीकट का होगा उन्नयन
धमतरी जिले में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दो बड़ी स्वीकृतियां दी गई हैं। राजाडेरा लघु जलाशय के जलद्वार (गेट) के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे करीब 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। वहीं, महानदी पर बने खट्टी एनीकट के संरक्षण और जलद्वारों के अपग्रेडेशन के लिए 4 करोड़ 89 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।
तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशयों में 4.95 करोड़ से होगा विद्युतीकरण
बालोद जिले के प्रमुख जलाशयों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3 अलग-अलग योजनाओं को मंजूरी दी गई है। तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशय परिसर में प्रकाश व्यवस्था और विद्युतीकरण के कार्यों के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य से 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली बेहतर होगी।
खरखरा नदी तटबंध निर्माण के लिए 4.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति
बालोद जिले की दूसरी योजना के तहत खरखरा नदी के बांयी तट पर स्थित शीतला मंदिर के पास घाट निर्माण और ग्राम मारीदेवरी में तटबंध (इम्बैंकमेंट) का निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। इस निर्माण कार्य से आसपास के 183 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ पहुंचेगा और बाढ़ या कटान की आशंका दूर होगी।
तांदुला परियोजना की नहंदा, डौकीडीह, सुखरी व भदेरा माईनर नहरों का होगा कायाकल्प
तांदुला परियोजना के अंतर्गत सकरैद वितरक नहर प्रणाली को आधुनिक बनाने की तैयारी की गई है। इसके तहत नाहंदा माईनर, डौकीडीह माईनर, सुखरी माईनर और भदेरा माईनर के रिमॉडलिंग, लाइनिंग और पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये मंजूर हुए हैं। इससे 183 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को अंतिम छोर (टेल एरिया) तक निर्बाध सिंचाई का पानी मिल सकेगा।
Also Read: पंचायतों की आय बढ़ाने धमतरी का नवाचार मॉडल, PPP मॉडल से विकसित होंगे व्यावसायिक परिसर



