
Jila Jail HIV Positive: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां की जिला जेल में बंद चार बंदियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट एचआईवी (HIV) पॉजिटिव आई है। जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जैसे ही इस बात की भनक लगी, वैसे ही हड़कंप मच गया। एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारें इस गंभीर बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए शहरों से लेकर गांवों तक लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जेल जैसी सुरक्षित और कड़े पहरे वाली जगह पर बंदियों का संक्रमित होना सुरक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस खुलासे के बाद अब इन बीमार कैदियों की सेहत और जेल के भीतर संक्रमण फैलने की असली वजहों को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
जिला अस्पताल की नियमित जांच में हुआ बड़ा खुलासा, जेल के अंदर बीमारी फैलने की वजह तलाशने में जुटा प्रशासन
मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद कुछ कैदियों की तबीयत लगातार खराब चल रही थी, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। वहां डॉक्टरों की टीम ने जब उनके खून के सैंपल लेकर जांच की, तो चार बंदियों की रिपोर्ट में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के सामने आते ही जेल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि जेल के भीतर हर एक कैदी पुलिस प्रहरियों और कड़े नियमों की सीधी देखरेख में रहता है। ऐसे में यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है कि आखिर जेल की चारदीवारी के अंदर यह संक्रमण इन बंदियों तक कैसे पहुंचा। अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि ये कैदी जेल आने से पहले ही संक्रमित थे या अंदर आने के बाद किसी अन्य वजह से इसकी चपेट में आए।
जेल के अस्पताल से दी जा रही है जरूरी दवाइयां, बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर सिम्स भी भेजने की तैयारी
एचआईवी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जेल प्रशासन ने इन सभी प्रभावित बंदियों को सामान्य कैदियों से अलग रखने और उनका इलाज शुरू कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्तमान में संक्रमित बंदियों को जेल परिसर के भीतर ही संचालित होने वाले छोटे अस्पताल के माध्यम से डॉक्टरों की देखरेख में जरूरी दवाइयां और थेरेपी दी जा रही है। इसके साथ ही इन मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए उन्हें समय-समय पर बिलासपुर के बड़े चिकित्सा संस्थान सिम्स (CIMS) ले जाकर भी विशेष चेकअप कराया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों को बिना किसी देरी के समय पर सही दवाइयां मिलना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण को नियंत्रण में रखा जा सके।
देश भर में बढ़ रहे हैं संक्रमितों के आंकड़े, जेल प्रशासन अब सभी कैदियों के मेडिकल टेस्ट कराने पर कर रहा है विचार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, देश के कुछ राज्यों में एचआईवी संक्रमितों के आंकड़ों में हर साल तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है। जांजगीर जिला जेल में यह मामला सामने आने के बाद अब जेल के भीतर बंद अन्य तमाम कैदियों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रबंधन अब जेल में बंद सभी कैदियों का एक विशेष कैंप लगाकर अनिवार्य रूप से हेल्थ चेकअप और ब्लड टेस्ट कराने की योजना बना रहा है। प्रशासन का कहना है कि समय रहते सभी बंदियों की जांच होने से यदि कोई और भी संक्रमित होगा, तो उसे समय पर इलाज मिल सकेगा और जेल के भीतर इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सकेगा।



