
CG Legislative Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सदन में विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 14 घंटे की मैराथन बहस के बाद पूरी तरह ढेर हो गया है। शुक्रवार दोपहर को शुरू हुई यह चर्चा रातभर चलती रही और शनिवार सुबह तड़के 2 बजकर 30 मिनट पर जाकर खत्म हुई। इस लंबी बहस के बाद अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के जनादेश और भरोसे के खिलाफ लाया गया था।
विधानसभा में रातभर चली मैराथन बहस
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से चर्चा शुरू हुई। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए 136 बिंदुओं का एक लंबा आरोप पत्र तैयार किया था। सदन में माहौल गरमाया रहा और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस होती रही। यह चर्चा दोपहर से शुरू होकर पूरी रात चलती रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तड़के जवाब देते हुए विपक्ष के एक-एक आरोप को खारिज कर दिया, जिसके बाद यह प्रस्ताव गिर गया।
मुख्यमंत्री साय का करारा पलटवार
बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष की नीयत पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आखिर किस बात पर अविश्वास है? क्या उन्हें 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने वाले 25 लाख किसानों पर भरोसा नहीं है या महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही 70 लाख महिलाओं पर अविश्वास है? सीएम ने कहा कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव, फिर लोकसभा चुनाव और उसके बाद नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने भाजपा को चुनकर साफ संदेश दे दिया है। ऐसे में यह प्रस्ताव जनता के फैसले का अपमान है।
किसानों के लिए किए गए बड़े फैसले
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कैबिनेट ने आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया था। किसानों के हक में फैसला लेते हुए हमारी सरकार ने दो साल का बकाया 3716 करोड़ रुपये का बोनस सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किया। इसके साथ ही प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे आने वाले समय में खेती को बड़ा सहारा मिलेगा।
महतारी वंदन योजना से महिलाएं हुईं मजबूत
महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के जरिए अब तक महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। इस मदद और सही मार्गदर्शन की बदौलत राज्य की 10 लाख 40 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से और सक्षम बनाने के लिए जमीन और मकान जैसी संपत्तियों के रजिस्ट्री शुल्क में भी विशेष छूट दी जा रही है।
पिछली सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार के कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार बिना किसी बजट प्रावधान के ही बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर देती थी, जिससे खजाने पर असर पड़ता था। साय ने दावा किया कि हमारी सरकार ने वित्तीय अनुशासन लागू किया है। इसके नतीजे भी सामने आ रहे हैं और वाणिज्यिक कर, आबकारी, जमीन पंजीयन और खनिज क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बस्तर में आदिवासियों का विकास और नक्सलवाद पर प्रहार
आदिवासी अंचलों के विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 5500 रुपये प्रति बोरा कर दिया है। इसके साथ ही बंद हो चुकी चरणपादुका योजना को दोबारा शुरू किया गया है। नक्सलवाद के मोर्चे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की संयुक्त रणनीति की वजह से नक्सली बैकफुट पर हैं। कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट और राज्य में 9 नए साइबर थानों की शुरुआत की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार और नई तकनीक
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में पुलिस विभाग के भीतर 7 हजार से ज्यादा पदों पर युवाओं की भर्ती की जा चुकी है और इतने ही पदों पर आगे भी नियुक्तियां की जाएंगी। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 22 हजार से अधिक युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी गई है। राज्य को तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नए एआई मिशन, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डेटा सेंटर पार्क पर काम चल रहा है, जिससे भविष्य में 1 लाख 74 हजार नए रोजगार पैदा होंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए बदलाव
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं का ब्यौरा देते हुए बताया कि प्रदेश के 91 फीसदी से ज्यादा नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं, जिसके बाद कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 हो जाएगी और एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 2900 तक पहुंच जाएंगी। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है और नवा रायपुर में एक बड़ा एजुकेशन हब तैयार किया जा रहा है।



