
Guest Teachers Strike Called Off : छत्तीसगढ़ में पिछले 24 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। सरकार से मिले आश्वासन के बाद अतिथि शिक्षक संगठन ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि, शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी विराम है। यदि 5 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे शिक्षक दिवस के अवसर पर एक बार फिर पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
दुर्ग में 24 दिनों से जारी था आंदोलन, प्रेसवार्ता कर की घोषणा
समान काम-समान वेतन, 12 महीने का भुगतान, संविलियन और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर अतिथि शिक्षक दुर्ग जिले में पिछले 24 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। इस दौरान शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव भी किया था। स्थिति को देखते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने दुर्ग में ही एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर औपचारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की जानकारी दी और अपने-अपने स्कूलों में लौटने की बात कही।

सरकार ने जारी की थी सख्त चेतावनी, 27 जुलाई की दी थी अंतिम तिथि
उल्लेखनीय है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने के कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया था। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर शाला प्रबंध समितियों के माध्यम से निर्देश जारी किए थे। सरकार ने साफ कर दिया था कि जो अतिथि शिक्षक 27 जुलाई 2026 तक काम पर वापस नहीं लौटेंगे, उनकी सेवाएं कंडिका 7.3 के तहत तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी और उनकी जगह नई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

5 सितंबर तक मांगें पूरी न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी
प्रशासनिक दबाव और वार्ता के बाद बने सहमति के माहौल के बीच अतिथि शिक्षकों ने फिलहाल कक्षाओं में लौटने का फैसला किया है। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए उन्होंने 5 सितंबर तक का समय दिया है। यदि तय समय-सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक एकजुट होकर दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।



