CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें छत्तीसगढ़ में एआई फर्जी पट्टे, राष्ट्रपति भवन में बस्तर का सम्मान, नकली पनीर पर रोक, VSK ऐप राहत, मुआवजा घोटाला, हाईकोर्ट की सख्ती, बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, फसल बीमा नियम, पेड़ कटाई और डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र पर बड़ा फैसला समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
छत्तीसगढ़ में एआई से बने फर्जी वन अधिकार पट्टे, 500 आदिवासियों से लाखों की ठगी
छत्तीसगढ़ में वन अधिकार पट्टों के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जालसाजों ने आदिवासियों को असली लगने वाले पट्टे देने के लिए एआई तकनीक का सहारा लिया। कोटा और लोरमी इलाके के करीब 500 आदिवासी इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। हर एक ग्रामीण से 30 हजार रुपये तक की वसूली की गई है। शुरुआती जांच में स्थानीय डीएफओ ने इन दस्तावेजों को फर्जी करार दिया है। कोटा के विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस मामले में विस्तृत जांच की मांग की है। वन अधिकार कानून का उद्देश्य जंगल में रहने वाले वनवासियों को कानूनी हक देना था। इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने सरकारी आदेश जैसे दिखने वाले नकली रिकॉर्ड तैयार किए। भोले भाले ग्रामीणों को यह कहकर ठगा गया कि उनका नाम सरकारी लिस्ट में जुड़ गया है। लोरमी के भगत राम और कोटा के भुलउ राम जैसे कई ग्रामीण अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। विधानसभा में भी यह मुद्दा गूंजा है और अब वन विभाग की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
राष्ट्रपति भवन पहुंचे बस्तर के मांझी और चालकी, द्रौपदी मुर्मु ने खुद परोसा भोजन
बस्तर की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रपति भवन में एक खास सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 209 सदस्यों का एक दल दिल्ली पहुंचा था। इसमें बस्तर पंडुम 2026 के विजेता, मांझी, चालकी और पद्मश्री से सम्मानित लोग शामिल थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके सम्मान में एक विशेष भोज रखा। सबसे खास बात यह रही कि राष्ट्रपति ने खुद अपने हाथों से बस्तर के इन मेहमानों को खाना परोसा। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में बस्तर की कला और संस्कृति की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी मांझी थे और उनका इस परंपरा से गहरा नाता है। मुख्यमंत्री के बुलावे पर राष्ट्रपति ने भविष्य में बस्तर दशहरा में शामिल होने की इच्छा भी जताई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मौके पर कहा कि राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा में इतने बड़े दल को एक साथ देखना एक अद्भुत पल है।
छत्तीसगढ़ में नकली पनीर बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सरकार ने लगाया बैन
छत्तीसगढ़ में अब मिलावटी और नकली पनीर बेचने वालों की खैर नहीं है। राज्य सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। बाजार में लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं कि कुछ जगहों पर ऐसा पनीर बिक रहा है जिसमें दूध बिल्कुल नहीं होता। इसे बनाने में वनस्पति तेल और स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है। खाद्य विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करेगा। इसके बाद पूरे राज्य में जांच अभियान चलेगा। होटलों, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों से सैंपल लिए जाएंगे। अगर कोई व्यापारी एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचता पकड़ा गया, तो उस पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज होगा। सरकार ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे पनीर खरीदते समय सावधानी बरतें और शक होने पर तुरंत शिकायत करें।
वीएसके ऐप की गड़बड़ी से नहीं कटेगा शिक्षकों का वेतन, शिक्षा मंत्री ने दिया भरोसा
वीएसके ऐप पर हाजिरी लगाने को लेकर परेशान शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि ऐप की तकनीकी दिक्कतों के कारण किसी भी शिक्षक की सैलरी नहीं काटी जाएगी। पिछले कुछ दिनों से ऐप की धीमी स्पीड और लॉगिन समस्याओं को लेकर शिक्षक लगातार शिकायत कर रहे थे। सरकार ने इन तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को 15 अगस्त तक का समय दिया है। आंकड़ों के अनुसार राज्य के करीब 85 फीसदी शिक्षक रोज इसी ऐप से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। मंत्री ने डिजिटल शिक्षा में सहयोग के लिए शिक्षकों की तारीफ की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सिस्टम की किसी भी खराबी का नुकसान कर्मचारियों को नहीं उठाना पड़ेगा। शिक्षकों से अपील की गई है कि वे ऐप का उपयोग करते रहें और अपने सुझाव विभाग को भेजते रहें ताकि इसमें सुधार किया जा सके।
अरपा भैंसाझार मुआवजा घोटाला, 27 करोड़ की हेराफेरी में 11 एसडीएम जांच के घेरे में
बिलासपुर की अरपा भैंसाझार सिंचाई परियोजना में हुए करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले की दोबारा जांच शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में 27 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का अंदेशा जताया गया है। इस मामले में 11 तत्कालीन एसडीएम की भूमिका संदेह के घेरे में है। संभागायुक्त ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए चार सदस्यों वाली एक नई समिति बना दी है। समिति को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रवर्तन निदेशालय की एक चिट्ठी के बाद प्रशासन हरकत में आया। आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान नियमों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को ज्यादा मुआवजा बांटा गया। इस परियोजना से बिलासपुर जिले के 104 गांव प्रभावित हुए थे। समिति अब यह पता लगाएगी कि जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुए और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने में किन अधिकारियों का हाथ है। अब तक सिर्फ एक अधिकारी पर गाज गिरी है, लेकिन नई रिपोर्ट आने के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
मिड डे मील में भेदभाव पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब
सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि मिलेट चिक्की बांटने की योजना का फायदा सभी जिलों के बच्चों को क्यों नहीं मिल रहा है। फिलहाल यह पौष्टिक आहार सिर्फ सात जिलों में ही दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर तक सरकार से इसका कारण स्पष्ट करने को कहा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों को भी बड़ी राहत दी है। संविलियन से पहले की सेवा अवधि को पेंशन में जोड़ने के आदेश को अदालत ने बरकरार रखा है। राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी गई है। एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने 2017 की अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा का परिणाम भी रद्द कर दिया है। परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए थे जिसे अदालत ने परीक्षार्थियों के साथ अन्याय माना।
भिलाई में 21 साल बाद पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला, 14 की उम्र में पार की थी सरहद
दुर्ग पुलिस और एटीएस ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। भिलाई के सेक्टर 5 में रहने वाली इस महिला का नाम रीना अख्तर है। वह पिछले 21 सालों से भारत में छिपकर रह रही थी। रीना महज 14 साल की उम्र में बांग्लादेश से मुंबई पहुंची थी और फिर बिना टिकट ट्रेन में बैठकर भिलाई आ गई। पूछताछ में पता चला है कि उसने रायपुर के भाठागांव इलाके में अपना एक मकान भी बना लिया था। उसने फर्जी तरीके से भारत के कई पहचान पत्र भी हासिल कर लिए थे। वह हाल ही में बांग्लादेश जाकर वापस लौटी थी जिसके बाद खुफिया एजेंसियों को भनक लग गई। एटीएस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। दुर्ग जिले में अभी अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। अब तक ऐसे सात घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है।
फसल बीमा योजना की अजीब शर्त, योजना से बाहर रहने के लिए भरना होगा फॉर्म
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर एक अजीबोगरीब नियम सामने आया है। आमतौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करना पड़ता है। लेकिन इस योजना में अगर किसी किसान को बीमा नहीं कराना है तो उसे भारत सरकार का तय किया हुआ फॉर्म भरकर बैंक में देना होगा। अगर किसान ऐसा नहीं करता है तो उसके बैंक खाते से अपने आप प्रीमियम के पैसे काट लिए जाएंगे। हैरानी की बात यह है कि बीमा से बाहर रहने का फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से एक हफ्ता पहले थी, जबकि इसके विज्ञापन 30 जुलाई को अखबारों में छपे हैं। ऐसे में किसान बिना जानकारी के अपना पैसा कटने से कैसे रोक पाएंगे। इसके अलावा एक और परेशानी बैंक रिकॉर्ड की है। अगर किसान ने खेत में टमाटर लगाया है और रिकॉर्ड में धान दर्ज है तो फसल खराब होने पर उसे कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में 50 करोड़ के पेड़ काटने की मिली इजाजत, एक लाख से ज्यादा पर चलेगी आरी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बस्तर के जंगलों में विकास परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है। राज्य सरकार ने पिछले दो सालों में 20 अलग अलग प्रोजेक्ट के लिए एक लाख 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की मंजूरी दी है। इन पेड़ों की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 85 हजार से अधिक पेड़ काटे भी जा चुके हैं। यह कटाई 793 हेक्टेयर वन क्षेत्र में हो रही है। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। विधायक संगीता सिन्हा का कहना है कि सरकार विकास की आड़ में लोगों की सांसें छीन रही है। पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय संगठन भी इन फैसलों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या विकास की कीमत जंगलों को उजाड़ कर चुकाई जानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी, बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल से बढ़ाकर 68 साल करने पर विचार कर रहा है। फिलहाल राज्य के 15 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 1200 से अधिक पद खाली हैं। इस कमी का सीधा असर मरीजों के इलाज और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अगले तीन सालों में कई वरिष्ठ डॉक्टर रिटायर होने वाले हैं। अगर उम्र सीमा बढ़ाई जाती है तो ये अनुभवी डॉक्टर साल 2030 तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे मेडिकल कॉलेजों की मान्यता बचाने और पीजी सीटें बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार ने कुछ समय पहले असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती भी निकाली थी, लेकिन आधे से ज्यादा डॉक्टरों ने जॉइन ही नहीं किया। इस संकट से निपटने के लिए अब रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाना ही सबसे मुफीद रास्ता माना जा रहा है।



