CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें उच्च शिक्षा में 75% हाजिरी अनिवार्य, 14 डॉक्टरों के तबादले, CGPSC 2025 अभ्यर्थियों का विरोध, 3,630 दैनिक वेतनभोगी होंगे नियमित, पुलिस भत्ते पर फंसा पेंच, खदानों के लिए कटे 2.25 लाख पेड़, बारिश में बहे करोड़ों के 3 बांध, 625 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में देरी, महतारी वंदन योजना में 67 हजार किश्तें रुकीं और 19 जिलों में फैला स्वाइन फ्लू का प्रकोप समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
CGPSC 2025: चयन प्रक्रिया और साक्षात्कार अनुपात पर उठे गंभीर सवाल
Politics: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2025 की मुख्य परीक्षा के नतीजों के बाद साक्षात्कार चयन को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष सामने आ रहा है। विज्ञापित 265 पदों के सापेक्ष आयोग द्वारा केवल 608 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया है, जो निर्धारित तीन गुना अनुपात के नियम के विपरीत माना जा रहा है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट तर्क है कि नियमों के अनुसार न्यूनतम 795 उम्मीदवारों को अवसर मिलना चाहिए था, जिसके चलते 187 योग्य अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। इस विसंगति को लेकर परीक्षार्थियों ने आयोग के अध्यक्ष को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर पारदर्शी व्यवस्था अपनाने की मांग की है। लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक साख को लेकर पहले से ही कई सवाल उठते रहे हैं और CGPSC 2021 की जांच प्रक्रिया अभी जारी है। अभ्यर्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं के निष्पक्ष और उदारतापूर्वक पुनर्मूल्यांकन की भी मांग रखी है ताकि मूल्यांकन की त्रुटियों से किसी का भविष्य प्रभावित न हो। यदि आयोग साक्षात्कार के तय मानकों और नियमों की स्पष्ट व्याख्या समय पर प्रस्तुत नहीं करता है, तो यह मामला विधिक और प्रशासनिक स्तर पर और अधिक गहरा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: कॉलेजों में 75% उपस्थिति अनिवार्य
Education News: छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 से राज्य के सभी शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति का कड़ा नियम लागू करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत क्रियान्वित इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परिसरों में अकादमिक अनुशासन और गुणवत्ता बहाल करना है। नए नियमों के अनुसार, निर्धारित उपस्थिति से कम अंक पाने वाले छात्रों के अभिभावकों को सीधे फोन या संदेश के माध्यम से अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे बंक मारने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। विभाग ने नए शैक्षणिक कैलेंडर के आधार पर ही परीक्षाओं और प्रायोगिक सत्रों का संचालन तय किया है। यद्यपि नियमित कक्षाओं का स्वागत किया जा रहा है, परंतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने समय प्रबंधन को लेकर चिंता जताई है। जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था की सफलता केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राध्यापकों की नियमितता, जवाबदेही और रोजगारपरक अध्यापन पर भी पूरी तरह निर्भर करेगी।
स्वास्थ्य प्रशासन में फेरबदल: 14 वरिष्ठ डॉक्टरों और डीन का स्थानांतरण
Healthcare: छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेजों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 14 वरिष्ठ चिकित्सकों एवं प्राध्यापकों के प्रशासनिक स्थानांतरण का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल के अंतर्गत कबीरधाम, जशपुर, अंबिकापुर, कोरबा, दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेजों में नए प्रभारी डीन और अस्पताल अधीक्षकों की पदस्थापना की गई है। स्थानांतरित सभी अधिकारियों को जारी आदेश के 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में कार्यमुक्त न होने की स्थिति में संबंधित चिकित्सक को स्वतः कार्यमुक्त मान लिया जाएगा। रायपुर मेडिकल कॉलेज की डॉ. प्रतिभा जैन शाह को कबीरधाम और डॉ. गोपाल सिंह कंवर को जशपुर मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन की कमान सौंपी गई है। शासन को उम्मीद है कि इस प्रशासनिक पुनर्गठन से क्षेत्रीय मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सामान्य जन-स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
वन विभाग के कर्मचारियों को राहत: 3,630 दैनिक वेतनभोगी होंगे नियमित
Government: छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में पिछले 10 वर्षों या उससे अधिक समय से निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे 3,630 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से स्वीकृति मिलने के पश्चात विभाग ने ‘कार्यभारित/आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की भर्ती तथा सेवा शर्तें नियम, 2024’ के प्रारूप को अंतिम रूप देने का कार्य तेज कर दिया है। इसके अंतर्गत 966 तृतीय श्रेणी तथा 2,664 चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल किए गए हैं। सेवा शर्तों और अधिसूचना के प्रारूप का गहन परीक्षण करने हेतु जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देशों के अनुसार यह समिति 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। लंबे समय से स्थायित्व की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो प्रशासनिक मंजूरी के बाद अंतिम रूप लेगी।
पुलिस बल का भत्ता अटका: 70 हजार जवानों का इंतजार बढ़ा
Crime Update: छत्तीसगढ़ के लगभग 70 हजार पुलिसकर्मियों को मिलने वाला ₹5,000 प्रतिमाह का प्रस्तावित विशेष पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस फिलहाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर पर लंबित पड़ा है। जवानों के वेतन और विभिन्न भत्तों की समीक्षा के लिए गठित विशेष समिति ने प्रचलित पुराने भत्तों में संशोधन करते हुए आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के जवानों के लिए इस नए रिस्पॉन्स भत्ते की सिफारिश की थी। पुलिस कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 1991 के बाद से पुलिस भत्तों का न्यायसंगत पुनरीक्षण नहीं किया गया है, जिसके कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों एवं दूरस्थ स्थानों पर तैनात जवानों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। समीक्षा समिति ने पौष्टिक आहार, वर्दी, रायफल और वाहन भत्ते की दरों में भारी वृद्धि का सुझाव दिया था। जब तक पुलिस मुख्यालय इस फाइल को अंतिम स्वीकृति प्रदान नहीं करता, तब तक जवानों को पुरानी दरों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
पर्यावरण पर दबाव: खदानों के लिए काटे गए सवा 2 लाख पेड़
Environment: छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्षों के दौरान लोहा और कोयला खनन की 41 परियोजनाओं के संचालन हेतु 9 जिलों में सवा दो लाख से अधिक हरे-भरे वृक्षों की कटाई की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं में एनएमडीसी, एसईसीएल जैसी सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल हैं। हसदेव और अन्य सघन वन क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार के कारण जैव विविधता, वन्यजीव आवास और स्थानीय वनवासियों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।पर्यावरण संरक्षण संगठनों और स्थानीय समुदायों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जाने के बावजूद केंद्रीय मंत्रालयों से स्वीकृत परियोजनाओं हेतु वनों का डायवर्जन जारी है। सरकार का पक्ष है कि नियमानुसार क्षतिपूरक वनीकरण (CAMPA) की प्रक्रिया निर्धारित भू-भाग पर पूरी की जा रही है। हालांकि, व्यावसायिक खनन और पारिस्थितिक संतुलन के मध्य बढ़ता तनाव राज्य के दीर्घकालिक पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।
इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर सवाल: बारिश में बहे करोड़ों के बांध
Disaster Relief: प्रदेश के एमसीबी, कोरिया और बलरामपुर जिलों में हाल ही में हुए भारी जलभराव के कारण करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित तीन सिंचाई बांध पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गए। कोरिया के छोटे साल्ही और एमसीबी के मसरा में बांध टूटने से आसपास के निचले इलाकों और कृषि भूमि में पानी भर गया, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राथमिक विभागीय तर्कों में अत्यधिक बारिश और चूहों के बिलों को कारण बताया गया था, परंतु तकनीकी पड़ताल में गुणवत्ता संबंधी खामियां उजागर हुई हैं। स्वतंत्र विशेषज्ञों एवं विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि बांधों के निर्माण के दौरान फाउंडेशन (नींव) की गहराई और मिट्टी की भराई के तय मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया है कि सभी क्षतिग्रस्त जल संरचनाओं की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण में पाई जाने वाली किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या ठेकेदारी स्तर की लापरवाही पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा में सुस्ती: 625 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती अटकी
Education News: राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में 625 असिस्टेंट प्रोफेसर और 75 क्रीड़ा अधिकारियों के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती पिछले एक वर्ष से आधिकारिक विज्ञापन के अभाव में ठप पड़ी हुई है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रक्रियागत बाधाओं को शीघ्र दूर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव में स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों की शर्त, आरक्षण रोस्टर और दिव्यांग श्रेणी के ब्योरे को लेकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा कुछ तकनीकी आपत्तियां उठाई गई थीं। विभाग ने इन सभी नियमों को स्पष्ट करते हुए भर्ती प्रक्रिया को अविलंब शुरू करने की बात कही है। साथ ही, 595 रिक्त प्राध्यापक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया को 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉलेजों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षण कार्य का औचक निरीक्षण करने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।
पारदर्शी प्रक्रिया: महतारी वंदन योजना में 67 हजार महिलाओं की राशि रोकी गई
Government: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के अंतर्गत पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कराई गई ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया के बाद लगभग 67 हजार महिलाओं की मासिक किश्त पर रोक लगा दी गई है। जांच के दौरान पाया गया कि लगभग 50 हजार महिलाएं अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं थीं, जबकि 17 हजार मामलों में आधार बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट एवं रेटिना) का मिलान नहीं हो सका। योजना के तहत अब तक करीब 1.61 लाख अपात्र अथवा मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। विभाग ने अपात्र पाए गए 12,700 सरकारी कर्मचारियों या आयकरदाताओं के परिवारों से अनुचित तरीके से प्राप्त राशि की वसूली की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आश्वस्त किया है कि जिन पात्र महिलाओं के बायोमेट्रिक मिलान में तकनीकी समस्या आ रही है, उनके संदर्भ में शासन स्तर पर वैकल्पिक समाधान तलाशा जा रहा है। जिन महिलाओं की ई-केवाईसी शेष है, वे अपने मूल केंद्र में जाकर प्रक्रिया पूर्ण करा सकती हैं।
स्वास्थ्य अलर्ट: प्रदेश के 19 जिलों में फैला स्वाइन फ्लू का प्रकोप
Health Alert: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रहा है और राज्य के 19 जिलों में इसके कुल मामलों की संख्या 170 के करीब पहुंच गई है। राज्य की राजधानी रायपुर सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में उभरी है, जहां अब तक 73 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 14 सक्रिय मरीजों का उपचार जारी है। मौसमी बदलाव और संक्रामक बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने संपूर्ण चिकित्सा अमले को हाई अलर्ट पर रखा है। रायपुर जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड की क्षमता 10 बेड से बढ़ाकर 20 बेड करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, संक्रमित पाए गए मरीजों के संपर्क में आए परिजनों और पड़ोसियों की स्क्रीनिंग हेतु विशेष टीमों को तैनात किया गया है।


