CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें अंबिकापुर डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा, इन्फ्लूएंसरों से प्रचार, IPS के बेटे से मारपीट, भर्ती नियम बदले, बस किराया बढ़ोतरी पर चर्चा, पीए की छुट्टी, CGPSC अध्यक्ष की विदाई, छात्राओं का 30 किमी पैदल मार्च, फ्री मॉक इंटरव्यू और पूर्व नक्सलियों की राजनीति में आने की तैयारी समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
अंबिकापुर डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा, 3 कर्मचारी निलंबित
Crime Update: अंबिकापुर प्रधान डाकघर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) मैच्योरिटी की करीब 35 लाख रुपए की राशि में भारी गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि कई खाताधारकों की एफडी पूरी होने के बाद उनकी रकम तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल खातों में जमा नहीं की गई, बल्कि कूटरचित तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। इस मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब बलरामपुर जिले के खाताधारक सिराजुल हक ने अपनी मैच्योरिटी राशि न मिलने पर डाक विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक विभागीय जांच में लगभग 15 खाताधारकों के खातों में सीधी गड़बड़ी पाई गई है, जिसके बाद डाक विभाग ने त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की है। सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) में तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटर रामजी लाल मीना, सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और पोस्ट मास्टर मनोज पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि प्रभावित खाताधारकों को उनका पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिक्स्ड डिपॉजिट को आम नागरिक सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं, ऐसे में डाकघर के भीतर से ही इतनी बड़ी धोखाधड़ी सामने आने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। विभाग अब मार्च 2026 से लेकर अब तक की सभी एफडी मैच्योरिटी एंट्रीज की बारीकी से समीक्षा कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड्स को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी धांधली की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो सके।
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों के जरिए छत्तीसगढ़ का प्रचार करेगी सरकार
Government News: छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों, विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए अब सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों का सहारा लेगी। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने रणनीति बनाई है कि देश और राज्य के चर्चित डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को प्रदेश के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया जाएगा, जिसका पूरा वित्तीय खर्च पर्यटन विभाग वहन करेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं तक अपनी पहुंच बनाना है जो पारंपरिक विज्ञापनों या समाचार पत्रों से दूर रहते हैं। इसके अलावा राज्य के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामुदायिक केंद्रों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया जाएगा। इन नाटकों और लोकगीतों के माध्यम से आम जनता को उनकी अपनी बोली और भाषा में सरकारी योजनाओं के लाभ तथा वास्तविक लाभार्थियों की कहानियां दिखाकर जागरूक किया जाएगा। इस एक महीने लंबे अभियान के दौरान ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘आंगन का उत्सव’ और ‘सेवा सेतु’ जैसी अनेक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। हालांकि, डिजिटल माध्यमों पर होने वाले सरकारी खर्च और इसके वास्तविक प्रभाव को लेकर चर्चा भी तेज है। देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया रील्स के जरिए प्रस्तुत किया जा रहा नया छत्तीसगढ़ जमीन पर आम जनता को कितना लाभांवित कर पाता है।
अंबिकापुर में आईपीएस अधिकारी के बेटे से मारपीट, चार पर केस दर्ज
Crime Update: अंबिकापुर शहर के बौरीपारा तालाब इलाके में एक आईपीएस अधिकारी के बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित लेखांश कांत कुर्रे अपने दोस्तों के साथ कार से जा रहे थे, तभी रास्ते में मोबाइल पर किसी परिचित का नाम लेने को लेकर स्थानीय युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने पीड़ित पर बेल्ट, लोहे के कड़े और लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों—रतन गुप्ता, कोया डॉन, आशुतोष गुप्ता और गोलू गणेश—समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। पीड़ित लेखांश कांत कुर्रे के पिता रवि कुर्रे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में रायपुर में पदस्थ हैं। मारपीट के दौरान आरोपियों द्वारा पुलिस अधिकारी का नाम लेने पर भी धमकियां देने का आरोप है। इस घटना के बाद से शहर की कानून व्यवस्था और गुंडा तत्वों के हौसलों को लेकर स्थानीय नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच काफी चर्चा बनी हुई है।
राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी भर्ती के नियम बदले, स्थानीय निवासियों को मौका
Education News: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सरकारी पदों पर सीधी भर्ती के नियमों में व्यापक संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब राज्य के सभी विभागों में इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता का एक समान ढांचा लागू किया गया है। इस पूरी व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि इन भर्तियों में अब केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को ही आवेदन करने की पात्रता होगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते सुगम होंगे। नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी पदों को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 7 प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें इंजीनियरिंग, स्नातक, शिक्षा, वर्दीधारी सेवा, स्वास्थ्य, हायर सेकेंडरी और चतुर्थ श्रेणी शामिल हैं। पटवारी, हॉस्टल वार्डन और सहायक ग्रेड-3 जैसे पदों के लिए 12वीं अथवा स्नातक के साथ एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा अनिवार्य किया गया है। वहीं चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास तय की गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि पदों का यह 7 समूहों में विभाजन केवल भर्ती प्रक्रिया और शैक्षणिक मानकों को सरल बनाने के लिए है, इसका कर्मचारियों के वेतनमान वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं होगा। भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में हो सकती है, जिसमें पहले चरण में कॉमन परीक्षा और दूसरे चरण में पद से जुड़ी तकनीकी परीक्षा ली जाएगी। यह नया नियम 19 जून, 27 जुलाई और 21 अगस्त 2026 की पुरानी अधिसूचनाओं का स्थान लेगा।
छत्तीसगढ़ में जल्द बढ़ सकता है बसों का किराया, परिवहन मंत्री ने की बैठक
Weather Alert: (परिवहन एवं जनसुविधा अपडेट) छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का किराया बढ़ाने और बस संचालकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है। रायपुर में परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में ‘बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़’ के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में साधारण एवं डीलक्स बसों का किराया बढ़ाने, स्लीपर बसों के टैक्स निर्धारण और समय-सारणी को व्यवस्थित करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बस संचालकों ने साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी है। परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किराए में संशोधन, स्लीपर बसों के टैक्स स्ट्रक्चर और ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया का व्यावहारिक और तकनीकी अध्ययन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें। सरकार का प्रयास है कि आम जनता पर अत्यधिक आर्थिक बोझ डाले बिना परिवहन सेवा को सुलभ और आधुनिक बनाया जाए। बैठक में महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी सार्वजनिक बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय रहने चाहिए। विशेष रूप से रात के समय सफर करने वाली अकेली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
मंत्रियों की छवि सुधारने की कवायद, कई निज सहायकों और पीए की हुई छुट्टी
Politics: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार में मंत्रियों के निजी स्टाफ (OSD, निज सचिव और निज सहायक) के कामकाज को लेकर लगातार प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। ताजा मामले में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के निज सचिव संतोष अग्रवाल को हटाकर उनके मूल विभाग वापस भेज दिया गया है। पिछले ढाई वर्षों में मंत्रियों के निजी स्टाफ के सदस्यों को हटाए जाने या उनकी भूमिका बदले जाने के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। सरकार और संगठन स्तर पर यह शिकायतें लगातार मिल रही थीं कि कुछ निजी कर्मचारी मंत्रियों और आम कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बना रहे हैं तथा विभागीय कामकाज में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के कार्यालयों में पदस्थ ओएसडी और पीए को सेवामुक्त या स्थानांतरित किया जा चुका है। मंत्रियों का निजी अमला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता की पहुंच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। लगातार हो रहे इन बदलावों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार अपने मंत्रियों के कार्यालयों की कार्यशैली और छवि को लेकर काफी गंभीर है। प्रशासनिक गलियारों में इसे शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जन-उन्मुख बनाने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है।
सीजीपीएससी की पहली महिला अध्यक्ष रीता शांडिल्य का कार्यकाल पूरा
Education News: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की अध्यक्ष रीता शांडिल्य ने 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपना पद छोड़ दिया है। संवैधानिक नियमों के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का अधिकतम कार्यकाल 62 वर्ष की आयु तक ही होता है। 2002 बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी रीता शांडिल्य आयोग की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। रीता शांडिल्य का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब राज्य सरकार और राजभवन के सामने आयोग के नए अध्यक्ष के चुनाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आगामी परीक्षाओं के आयोजन और आयोग की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या अनुभवी शिक्षाविद को यह कमान सौंपी जा सकती है। जल्द ही नए नाम की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। रीता शांडिल्य अक्टूबर 2024 में सीजीपीएससी की सदस्य बनी थीं और अगस्त 2025 में उन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। प्रशासनिक सेवाओं में अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अब अभ्यर्थियों की निगाहें नए अध्यक्ष के चयन पर टिकी हैं ताकि आगामी भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकें।
बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर 30 किमी पैदल चलीं छात्राएं, प्राचार्य हटाए गए
Education News: सरगुजा जिले के बतौली ब्लॉक स्थित शिवपुर कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की लगभग 100 छात्राएं हॉस्टल की बदहाली को लेकर सड़क पर उतर आईं। हॉस्टल में पिछले एक महीने से बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था न होने से परेशान होकर ये छात्राएं करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर अंबिकापुर स्थित कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। रास्ते में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाने के बावजूद छात्राएं कलेक्टर से सीधे मिलने की अपनी मांग पर अड़ी रहीं। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्राओं ने जब अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के समक्ष रखीं, तो प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई की। लापरवाही बरतने के आरोप में एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य को पद से हटा दिया गया है, जबकि हॉस्टल अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही हॉस्टल में बिजली और पानी की व्यवस्था को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में छात्रों की समस्याओं की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
सीजीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए रायपुर में 12-13 सितंबर को फ्री मॉक इंटरव्यू
Education News: सीजीपीएससी (CGPSC) राज्य सेवा परीक्षा के साक्षात्कार चरण में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों के लिए रायपुर जिला प्रशासन ने एक विशेष पहल की है। ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के अंतर्गत 12 और 13 सितंबर 2026 को फुंडहर स्थित नेतृत्व साधना केंद्र में निःशुल्क मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को वास्तविक इंटरव्यू जैसी परिस्थितियों का अनुभव कराना और उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों और रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेंगे। मॉक इंटरव्यू के बाद अभ्यर्थियों को उनके बोलने के तरीके, उत्तर देने की शैली और बॉडी लैंग्वेज पर व्यक्तिगत फीडबैक दिया जाएगा ताकि वे अपनी कमियों को समय रहते सुधार सकें। इस निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। रायपुर जिला प्रशासन इससे पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इस पहल से दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मेधावी छात्रों को अंतिम चयन सूची में जगह बनाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
पूर्व माओवादी नेताओं की मुख्यधारा में लौटने की तैयारी, बैन हटाने की मांग
Politics: तेलंगाना के आदिलाबाद में पूर्व महिला नक्सली नेता राधाक्का के अंतिम संस्कार के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र के कई वरिष्ठ पूर्व माओवादी नेता एक मंच पर एकत्र हुए। चार दशकों तक नक्सली आंदोलन में सक्रिय रहे इन नेताओं ने अब हथियार छोड़कर लोकतांत्रिक राजनीति में प्रवेश करने और शांतिपूर्ण ढंग से जनता की सेवा करने की इच्छा जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने सरकार से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग भी रखी। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व वरिष्ठ माओवादी नेताओं, जैसे देवजी और चंद्रन्ना ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यदि सरकार उनके संगठन से कानूनी प्रतिबंध हटाती है, तो वे आगामी चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, इस पर राज्य और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालयों के अंतिम निर्णय और नीतिगत रुख का इंतजार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण कर चुके ये पूर्व कैडर अपने पुराने प्रभाव वाले क्षेत्रों में नए राजनीतिक विकल्प और जमीन की तलाश कर रहे हैं। इस संबंध में पूर्व कार्यकर्ताओं के बीच आपस में बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। पांच दशकों से बस्तर और दंडकारण्य के जंगलों में चले आ रहे उग्रवाद के इतिहास के बीच पूर्व शीर्ष नेताओं का मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर करना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

