
CM Helpline 1076: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण का एक बड़ा जरिया बनती जा रही है। इस सेवा की शुरुआत के महज पांच दिनों के भीतर ही दर्ज शिकायतों का आंकड़ा 15 हजार को पार कर गया है। सरकारी तंत्र की सुस्ती और स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से परेशान लोग सीधे इस नंबर पर फोन लगाकर अपनी आपबीती दर्ज करा रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 13 जून तक इस हेल्पलाइन नंबर पर कुल 15,434 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिसे देखते हुए कॉल सेंटर में तैनात अमला भी लगातार सक्रिय बना हुआ है।
जमीन की धोखाधड़ी और बिजली-पानी की किल्लत से सबसे ज्यादा परेशान हैं लोग
कॉल सेंटर से मिले आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि राज्य की जनता सबसे ज्यादा अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर परेशान है। हेल्पलाइन पर आने वाली लगभग हर दूसरी शिकायत जमीन, नाली, साफ-सफाई और बिजली जैसी रोजमर्रा की दिक्कतों से जुड़ी हुई है। प्रशासन के पास पहुंचे इन आंकड़ों ने मैदानी स्तर पर काम करने वाले सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सालों से लंबित पड़े मामलों को लेकर ही लोग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

राजस्व, बिजली और नगरीय प्रशासन विभागों की खुली पोल
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 2,470 शिकायतें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित हैं, जिनमें जमीनों का नामांतरण, सीमांकन और भू-अभिलेख दुरुस्त करने के मामले शामिल हैं। दूसरे नंबर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग है, जिससे जुड़ी 2,058 शिकायतें मिली हैं। इनमें खराब सड़कें, बजाम नालियां, गंदगी और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्याएं प्रमुख हैं। इसके अलावा बिजली कटौती और खराब ट्रांसफार्मर को लेकर ऊर्जा विभाग के खिलाफ 1,921 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पंचायत विभाग के 1,509 और खाद्य विभाग में राशन कार्ड की गड़बड़ियों से जुड़े 1,235 मामले सामने आए हैं।



