
पश्चिम एशिया में जारी .0की रसोई और जेब तक पहुंचने लगी है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने आज गुरुवार 26 मार्च 2026 को तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। कंपनी के इस फैसले के बाद पेट्रोल के दाम में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल को देखते हुए निजी कंपनियों ने अपनी इनपुट लागत निकालने के लिए यह कदम उठाया है।
युद्ध के कारण कच्चे तेल में लगी आग: 50% तक बढ़ी लागत
ईंधन की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा भीषण संघर्ष है। 28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 50% तक बढ़ चुकी हैं। वैश्विक स्तर पर तेल का भाव $119 प्रति बैरल तक जा पहुंचा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। चूंकि कच्चे तेल को खरीदने की लागत काफी बढ़ गई है, इसलिए निजी तेल कंपनियों ने ग्राहकों पर यह बोझ डालना शुरू कर दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: क्यों बाधित हुई सप्लाई चेन?
भारत के लिए तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। मौजूदा युद्ध की स्थिति में यह समुद्री मार्ग अब असुरक्षित हो गया है, जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और बीमा खर्च बढ़ने के कारण तेल की लैंडिंग कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर और भी कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
सरकारी बनाम निजी पंप: आपके शहर में क्या है रेट लिस्ट?
राहत की बात यह है कि इंडियन ऑयल (IOC), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली जैसे शहरों में सरकारी पंपों पर पेट्रोल अब भी ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर के पुराने रेट पर मिल रहा है। हालांकि, नायरा एनर्जी के पंपों पर जाने वाले ग्राहकों को अब पेट्रोल के लिए ₹5 और डीजल के लिए ₹3 ज्यादा चुकाने होंगे। स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) की अलग-अलग दरों के कारण कुछ शहरों में यह बढ़ोतरी ₹5.30 तक भी महसूस की जा रही है।
रिलायंस और बीपी का रुख: जिओ-बीपी पर क्या होगा असर?
रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी के संयुक्त उपक्रम ‘जिओ-बीपी’ (Jio-bp) ने अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी फिलहाल भारी घाटा सहकर पुराने रेट पर ही तेल बेच रही है, लेकिन बाजार की मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए वे भी ज्यादा समय तक कीमतों को स्थिर नहीं रख पाएंगे। निजी कंपनियों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि बढ़ती लागत और स्थिर बिक्री मूल्य के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
महंगाई की नई लहर की आशंका: आम आदमी की बढ़ेगी मुसीबत
डीजल की कीमतों में ₹3 की बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ेगा। इससे फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि सरकारी कंपनियों ने भी निजी कंपनियों की राह पकड़ ली, तो देश में महंगाई की एक नई लहर आ सकती है। फिलहाल आम जनता की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या टैक्स में कटौती कर जनता को इस बोझ से राहत दी जाएगी या नहीं।
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