WhatsApp Hacking Fraud: छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब साइबर ठग आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के व्हाट्सएप अकाउंट और मोबाइल को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले की पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है, जहां महिला विधायक शेषराज हरबंस का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया। हैकर्स ने उनके संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर 52 हजार रुपये के ऑनलाइन भुगतान की मांग की है।
विधायक ने सतर्क रहने की अपील की, पैसे न भेजने को कहा
Chhattisgarh Cyber Crime: घटना की जानकारी मिलने के बाद जब विधायक शेषराज हरबंस से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपने मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट के हैक होने की पुष्टि की। उन्होंने तुरंत अपने परिचितों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के नाम संदेश जारी किया। विधायक ने कहा कि उनके व्हाट्सएप नंबर से यदि किसी को भी पैसे मांगने या ऑनलाइन ट्रांसफर करने का मैसेज आए, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें और कोई राशि न भेजें।
राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम भी हो चुकी हैं शिकार
APK File Fraud: छत्तीसगढ़ में किसी जनप्रतिनिधि का व्हाट्सएप हैक होने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम के व्हाट्सएप अकाउंट में भी सेंधमारी की गई थी। ठगों ने सांसद की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट के लोगों को झांसा देने की कोशिश की थी।

56 हजार रुपये वापस करने का भेजा गया था फर्जी मैसेज
Cyber Fraud Alert: सांसद के नंबर से भेजे गए फर्जी मैसेज में दावा किया गया था कि गलती से किसी के खाते में 56 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। हैकर्स ने परिचितों से कहा था कि यह रकम दो घंटे के भीतर वापस कर दें। चूंकि मैसेज खुद सांसद के आधिकारिक नंबर से आया था, इसलिए लोग इसे सच मान बैठे थे। हालांकि समय रहते मामले का खुलासा हो जाने से लोग ठगी का शिकार होने से बच गए।
एपीके (APK) फाइल खोलते ही हैक हुआ था विधायक का मोबाइल
इसी तरह का एक अन्य गंभीर मामला कोरबा जिले के पाली-तानाखार क्षेत्र से सामने आया था। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और स्थानीय विधायक तुलेश्वर मरकाम का मोबाइल फोन एक अनजान एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करते ही हैक हो गया था। फाइल खोलते ही साइबर अपराधियों ने पूरे फोन पर अपना नियंत्रण बना लिया और उनके व्हाट्सएप से परिचितों को मैसेज भेजने शुरू कर दिए।
यूपीआई काम न करने का बहाना बनाकर मांगे 76 हजार रुपये
विधायक के व्हाट्सएप से भेजे गए संदेशों में लिखा गया था कि उनका यूपीआई काम नहीं कर रहा है और उन्हें तुरंत पैसों की सख्त जरूरत है। इस बहाने हैकर्स ने 76 हजार रुपये की मांग की थी। हालांकि, कुछ परिचितों को मैसेज की भाषा देखकर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत विधायक से फोन पर बात की, जिसके बाद व्हाट्सएप हैक होने की सच्चाई सामने आ गई।
अनजान लिंक और पैसो के मैसेज से रहे बेहद सावधान
राज्य में लगातार सामने आ रहे इन मामलों को देखते हुए पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगर आपके किसी परिचित, रिश्तेदार या जनप्रतिनिधि के नंबर से अचानक पैसों की मांग का मैसेज आता है, तो बिना फोन पर सीधी बातचीत किए कभी भी रकम ट्रांसफर न करें। इसके साथ ही किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें।



