
School Timing Changed: अत्यधिक गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए बिहार में नीतीश सरकार के शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूबे के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के संचालन समय में अस्थायी रूप से बदलाव कर दिया गया है। मौसम के इस तल्ख तेवर और लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया था। इसी वजह से विभाग ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सभी विद्यालयों की समय सारणी को संशोधित करने का आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी किया है।
22 जून से सुबह 6:30 बजे से खुलेंगे प्रदेश के सभी स्कूल
शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, यह संशोधित समय सारणी 22 जून 2026 से लागू हो गई है जो 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान राज्य के सभी स्कूल अब सुबह 6:30 बजे से खुल जाएंगे और दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों को दोपहर के वक्त चलने वाली तीव्र लू और तपिश के सीधे प्रभाव से सुरक्षित रखना है ताकि वे बिना किसी शारीरिक परेशानी के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।

सुबह की पहली पाली में ही पूरी होगी प्रार्थना और मुख्य कक्षाएं
नए निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में सुबह ठीक 6:30 बजे से ही प्रार्थना सभा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अनिवार्य रूप से शुरू कर दी जाएंगी। इसके तुरंत बाद समय सारणी के अनुसार नियमित कक्षाओं का संचालन होगा। छोटे बच्चों के लिए प्राथमिक स्कूलों में दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के वितरण का समय भी इसी बदली हुई व्यवस्था के हिसाब से तय किया जाएगा ताकि छुट्टी से पहले सभी छात्र-छात्राओं को भोजन मिल सके।
सातवीं घंटी के बाद 12:20 बजे होगी छात्रों की छुट्टी
इस नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन सातवीं घंटी की पढ़ाई पूरी होने के बाद दोपहर 12:20 बजे विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी। इसके बाद के आखिरी 10 मिनट यानी दोपहर 12:20 से 12:30 बजे तक का समय शिक्षकों के लिए निर्धारित किया गया है। इस दौरान सभी शिक्षक अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक की देखरेख में दिनभर पढ़ाए गए विषयों की समीक्षा करेंगे, अगले दिन की पढ़ाई की योजना बनाएंगे और बच्चों को दिए गए होमवर्क की कॉपियां जांचेंगे।
लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों पर होगी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने इस आदेश को जमीन पर कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों को सौंपी है। प्रशासनिक अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक इस नियम का पालन अनिवार्य है और जुलाई के पहले सप्ताह में मौसम की स्थिति की दोबारा समीक्षा करने के बाद ही आगे की समय सारणी पर कोई नया निर्णय लिया जाएगा।
अभिभावकों से भी अपील, पानी की बोतल देकर ही भेजें स्कूल
सरकार के इस फैसले से चिलचिलाती गर्मी में स्कूल आने-जाने वाले लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी एक विशेष अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजते समय उनके साथ पीने के पानी की बोतल और धूप से बचने के जरूरी इंतजाम जरूर करें, ताकि स्कूल परिसर से घर लौटते समय बच्चे डिहाइड्रेशन या लू की चपेट में न आएं।



