CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें आबकारी विभाग ने महिला तस्कर को 28 नशीले इंजेक्शन के साथ दबोचा, वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र ने बनाई संयुक्त टास्क फोर्स, धरमजयगढ़ और रायगढ़ में हाथियों की मौत पर बिजली कंपनी पर लापरवाही और हाईकोर्ट में गलत ब्यौरे देने के आरोप, बिलासपुर जिला अदालत ने 33 साल से सरकारी जमीन पर काबिज ग्रामीण को प्रतिकूल कब्जे के आधार पर दिया मालिकाना हक, आदिवासी और आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ़ के 5 जिलों को मिले नए मेडिकल कॉलेज, नकटी गांव में तोड़े गए मकानों के विरोध में कांग्रेस निकालेगी राजभवन तक पदयात्रा, जगदलपुर एसपी ऑफिस वेतन घोटाला जांच में हुआ बड़ा खुलासा और कुल वित्तीय गड़बड़ी बढ़कर हुई 3.40 करोड़ रुपये, प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और पारदर्शी ऑडिट की उठी मांग, आरंग एसडीएम की बड़ी कार्रवाई के तहत सरकारी राशि डकारने वाले 4 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट और धमतरी जिले में खनिज विभाग ने दो दिनों में अवैध रेत परिवहन में लिप्त 4 वाहनों को जब्त कर वसूला 69.32 लाख रुपये का जुर्माना समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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अंबिकापुर में नशीले इंजेक्शन के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार

अंबिकापुर में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उड़नदस्ता टीम ने शहर की एक महिला आरोपी के घर पर छापा मारकर 28 नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनमें 19 रेक्सोजेसिक और 9 एविल इंजेक्शन शामिल हैं। आबकारी विभाग ने आरोपी महिला आशा पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, मुखबिर से लंबे समय से महिला द्वारा नशीली दवाओं के अवैध धंधे की सूचना मिल रही थी। पुख्ता जानकारी के बाद जब टीम अंबिकापुर स्थित आशा पांडेय के घर पहुंची, तो उसने इंजेक्शन छिपाने की कोशिश की। मौके पर तैनात महिला जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा। आरोपी महिला पहले भी ब्राउन शुगर की तस्करी के मामले में जेल जा चुकी है। पूछताछ में वह इन इंजेक्शनों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जिसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र ने बनाई जॉइंट टास्क फोर्स, बॉर्डर पर कड़ी निगरानी

बस्तर में दो पुलिस जवानों की बाघ की खाल के साथ गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार पूरी तरह चौकस हो गई हैं। अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए दोनों राज्यों ने मिलकर 6 सदस्यीय संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टीम दोनों राज्यों की लगभग 100 किलोमीटर लंबी सीमा पर सक्रिय शिकारियों और तस्करों पर नजर रखेगी। इस टास्क फोर्स में दोनों राज्यों के एक डीएफओ स्तर के अधिकारी और दो-दो इंस्पेक्टर शामिल किए गए हैं। यह पूरा मामला तब खुला जब कांकेर वन विभाग की एंटी क्राइम यूनिट ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा के बांडे इलाके में ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ के तहत कार्रवाई की। वहां महाराष्ट्र पुलिस के दो जवानों बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडाम को दो बाघों की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिसकर्मियों के इस धंधे में शामिल होने से सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में मुख्य आरोपी बिजेश्वर के घर से बड़ी मात्रा में पैंगोलिन के शल्क भी मिले हैं। वन अधिकारियों के अनुसार, इन बाघों का शिकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व या अबुझमाड़ के जंगलों में किए जाने की आशंका है। मामले में बीजापुर से पांच और संदिग्धों को पकड़ा गया है और पुराने मामलों की फाइलें भी दोबारा खोली जा रही हैं।

हाथियों की मौत पर बिजली कंपनी घिरी, हाईकोर्ट में गलत जानकारी देने का आरोप

छत्तीसगढ़ में बिजली विभाग की लापरवाही हाथियों की जान पर भारी पड़ रही है। रायगढ़ और धरमजयगढ़ वनमंडल के संयुक्त सर्वे में 100 से ज्यादा ऐसे खतरनाक पॉइंट मिले हैं, जहां बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं। इन लूज पॉइंट की वजह से हाथियों के करंट की चपेट में आने का खतरा हमेशा बना रहता है। नियमों के अनुसार, हाथी की सूंड उठाने की अधिकतम ऊंचाई से ऊपर ही बिजली के तार होने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आरोप है कि बिजली कंपनी (CSPDCL) वास्तविक स्थिति को छिपाकर हाईकोर्ट में गलत आंकड़े पेश कर रही है। कुछ समय पहले धरमजयगढ़ के चुहकीमार नर्सरी क्षेत्र में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से तीन हाथियों की मौत हो गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर बिजली विभाग और वन विभाग को सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। यही नहीं, धनवादा पावर परियोजना के लिए बिछाई गई 33 केवी लाइन में भी नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति के पुराने खंभों का इस्तेमाल किया गया है, जो न तो कवर्ड है और न ही अंडरग्राउंड। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के स्पष्ट आदेश हैं कि वन क्षेत्रों में 33 केवी या उससे कम की लाइनें अंडरग्राउंड होनी चाहिए, लेकिन रायगढ़ में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सिंघवी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में दोनों विभागों की इस ढिलाई की पोल खुल गई है।

ग्रामीण को मिला 33 साल से काबिज सरकारी जमीन का मालिकाना हक

बिलासपुर की जिला एवं सत्र अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 33 वर्षों से सरकारी भूमि पर खेती कर रहे ग्रामीण को उस जमीन का असली मालिक माना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने प्रतिकूल कब्जा यानी ‘Adverse Possession’ के कानूनी सिद्धांत के आधार पर नारायण प्रसाद सूर्यवंशी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने सिविल जज द्वारा पूर्व में दिए गए उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ग्रामीण के दावे को खारिज कर दिया गया था। मामला बिलासपुर के ग्राम सर्वन देवरी का है। यहां खसरा नंबर 894 की 0.340 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर नारायण प्रसाद के पिता बिसराम लंबे समय से खेती कर रहे थे और 30 मई 1988 को नायब तहसीलदार ने उनके इस कब्जे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज भी किया था। पिता की मृत्यु के बाद नारायण प्रसाद ने खेती जारी रखी। साल 2001 में ग्राम पंचायत द्वारा दखल देने पर यह विवाद कोर्ट पहुंचा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। जिला न्यायाधीश ने पाया कि नारायण प्रसाद ने सरकारी जमीन पर 30 साल से अधिक समय तक बिना किसी रोक-टोक और शांतिपूर्ण ढंग से अपने कब्जे को साबित किया है, जबकि राज्य सरकार इस निरंतर कब्जे को झुठला नहीं सकी। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि नारायण प्रसाद के शांतिपूर्ण कब्जे में दखल न दिया जाए और उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।

छत्तीसगढ़ के 5 जिलों को मिले नए मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस की 250 सीटें बढ़ीं

छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने प्रदेश के 5 अलग-अलग जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस नए शैक्षणिक सत्र से ही इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सरकार ने इस योजना में आदिवासी और पिछड़े जिलों को प्राथमिकता दी है, जिसके तहत गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में नए संस्थान खोले जा रहे हैं। इन सभी नए मेडिकल कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटें तय की गई हैं, जिससे प्रदेश को कुल 250 नई मेडिकल सीटें मिल गई हैं। इस बढ़ोतरी के साथ ही छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की कुल सीटें अब 2330 हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी और स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। कॉलेजों में अब प्रोफेसरों की नियुक्ति और उपकरणों की व्यवस्था तेज कर दी गई है ताकि सत्र 2026-27 से छात्रों का दाखिला सुचारू रूप से शुरू हो सके।

नकटी गांव में तोड़े गए मकानों के विरोध में कांग्रेस निकालेगी राजभवन तक पदयात्रा

नवा रायपुर के नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने इस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीणों के साथ नकटी से राजभवन तक एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, जहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यपाल से मिलने के लिए पहले भी समय मांगा गया था, लेकिन राजभवन से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। पार्टी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने राजभवन को दोबारा पत्र भेजकर 15 जुलाई को मुलाकात का समय देने का अनुरोध किया है। इस आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, विकास उपाध्याय, सुशील आनंद शुक्ला और रायपुर व बीरगांव के महापौर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्हें पदयात्रा को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जगदलपुर एसपी ऑफिस वेतन घोटाला, गड़बड़ी बढ़कर 3.40 करोड़ रुपये हुई

जगदलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुआ वेतन घोटाला जांच आगे बढ़ने के साथ ही और बड़ा होता जा रहा है। शुरुआती जांच में जहां साल 2023 से 2026 के बीच करीब 2 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब ऑडिट और दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 3 करोड़ 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस बड़े खुलासे से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि एसपी ऑफिस के अकाउंट सेक्शन में तैनात एक बाबू ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े का जाल बुना था। इन लोगों ने सैलरी नोटशीट की हार्ड कॉपी में हेर-फेर करके सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की राशि निजी खातों में ट्रांसफर कर ली थी। मामले के तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर कोर्ट के माध्यम से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी फाइलों और बैंक खातों की गहन जांच चल रही है, जिससे इस घोटाले की रकम और भी ज्यादा बढ़ने की संभावना है।

प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर के चढ़ावे और खजाने पर उठे सवाल, पारदर्शी ऑडिट की मांग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद अब छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर के खजाने और चढ़ावे को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्ण कुमार ने दावा किया है कि पिछले कई वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी, आभूषणों और नकद राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। उनके मुताबिक, इस संबंध में आठ साल पहले की गई शिकायत की जांच आज तक पूरी नहीं हो पाई है। बस्तर की रियासतकालीन परंपरा से जुड़े मां दंतेश्वरी मंदिर समेत कुल 22 मंदिरों का प्रबंधन एक सरकारी टेंपल कमिटी करती है। इन मंदिरों में हर साल देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु करोड़ों का गुप्त दान, सोने-चांदी के छत्र और गहने चढ़ाते हैं। पुजारी का आरोप है कि कमिटी के पास आभूषणों का जो रिकॉर्ड है, वह सिर्फ उनके वजन तक सीमित है, उनकी शुद्धता और वर्तमान स्थिति का कोई नियमित फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होता है। साल 2020 में प्रशासन ने खजाने के सत्यापन के आदेश दिए थे, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अब श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने मांग की है कि मंदिर के पूरे खजाने का पारदर्शी ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

सरकारी पैसा डकारने वाले 4 पूर्व सरपंचों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

रायपुर जिले के आरंग अनुविभाग में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का गबन करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। आरंग की एसडीएम और विहित प्राधिकारी अभिलाषा पैकरा ने वित्तीय अनियमितता के मामले में एक साथ 4 पूर्व सरपंचों के खिलाफ गिरफ्तारी और सिविल जेल भेजने का वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत की गई है।इन चारों पूर्व सरपंचों से कुल 43 लाख 77 हजार 277 रुपये की सरकारी राशि वसूली जानी है। जारी आदेश के अनुसार, नगपुरा की पूर्व सरपंच राजकुमारी साहू से 4.09 लाख रुपये, नकटा के पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी से 18.23 लाख रुपये, देवदा के पूर्व सरपंच रोशन मिश्रा से लगभग 19.35 लाख रुपये और राखी की पूर्व सरपंच चितरेखा साहू से 2.09 लाख रुपये की वसूली की जानी है। प्रशासन ने इन सभी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न ही पैसे जमा कराए। एसडीएम ने आरंग, राखी और मंदिरहसौद थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे इन पूर्व सरपंचों को हिरासत में लेकर केंद्रीय जेल रायपुर सौंपें, जहां इन्हें राशि जमा न करने पर अधिकतम 30 दिनों तक सिविल जेल में रहना होगा।

धमतरी जिले में खनिज विभाग ने दो दिन में 69.32 लाख रुपये का वसूला जुर्माना

धमतरी जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने पिछले दो दिनों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए अवैध रूप से रेत ले जा रहे 4 बड़े वाहनों को जब्त किया है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में नियमों का उल्लंघन करने वालों से अब तक करीब 70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।विभाग को काफी समय से क्षेत्र में अवैध परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर यह त्वरित कार्रवाई की गई। उड़नदस्ते ने 12 और 13 जुलाई को जिले के संवेदनशील क्षेत्रों सारंगपुरी, खरेंगा, अमेठी, सरगी-दोनर और पाहंदा में सघन जांच अभियान चलाकर इन वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा। इन सभी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 239 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनसे 69 लाख 32 हजार 683 रुपये का जुर्माना वसूल कर सरकारी कोष में जमा कराया गया है। विभाग ने साफ किया है कि प्राकृतिक संपदा की चोरी रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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