
Liquor Shop Fake Currency: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। अकलतरा थाना क्षेत्र में एक युवक नकली नोटों के जरिए शराब खरीदने की कोशिश कर रहा था। सेल्समैन और वहां मौजूद लोगों की सतर्कता तथा पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 500 रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए हैं और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अकलतरा की देशी शराब दुकान पर नकली नोट चलाने का प्रयास
Janjgir Champa News: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जुलाई की है। अकलतरा स्थित देशी मदिरा दुकान में एक युवक पहुंचा और शराब खरीदने के लिए 500 रुपये का नोट दिया। नोट की छपाई और कागज की बनावट देखकर काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों को शक हुआ। तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही अकलतरा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संदेही युवक को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
सारंगढ़ का रहने वाला है आरोपी, तलाशी में मिले 500 के चार नोट
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सत्येंद्र कुमार कुर्रे उर्फ सत्यम कुर्रे बताया। वह पड़ोसी जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ के दोमुहानी गांव का निवासी है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसकी जेब से 500-500 रुपये के तीन और नोट बरामद हुए। इस प्रकार उसके पास से कुल चार संदिग्ध नोट जब्त किए गए, जिन्हें देखकर उनके फर्जी होने की पूरी संभावना लग रही थी।
बैंक जांच में पुष्टि, सभी चारों नोटों के सीरियल नंबर एक ही निकले
बरामद नोटों की असलियत जांचने के लिए पुलिस टीम तुरंत उन्हें भारतीय स्टेट बैंक की अकलतरा शाखा लेकर गई। बैंक अधिकारियों ने मशीनों और सूक्ष्म परीक्षण के बाद पुष्टि की कि चारों नोट पूरी तरह नकली हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि चारों नोटों पर दर्ज सीरियल नंबर बिल्कुल एक ही था। कड़ी पूछताछ में आरोपी सत्येंद्र ने स्वीकार किया कि वह यह जाली मुद्रा रायपुर से लेकर आया था।
बीएनएस की धारा 180 के तहत मामला दर्ज, कोर्ट ने भेजा जेल
अकलतरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सत्येंद्र कुमार कुर्रे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 180 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि रायपुर में यह नकली नोट उसे किसने दिए थे और क्या इस गिरोह के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं।



