
CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
शराब घोटाला मामले में कांग्रेस कार्यालय पर गरमाई सियासत
Politics: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे घोटाले के दौरान करीब 3000 करोड़ रुपये का अवैध सिंडिकेट चलाया गया था। PMLA अदालत ने आरोपी को 18 अगस्त तक सात दिनों की ED हिरासत में भेज दिया है। ED की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस अवैध वसूली का एक बड़ा हिस्सा राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस के मुख्य कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाया गया था। यह मामला पहले आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) की FIR के आधार पर आगे बढ़ा था। एजेंसी का आरोप है कि चार बार समन भेजने के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। इस खुलासे के बाद प्रदेश में राजनीतिक घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है, क्योंकि कैश सीधे पार्टी दफ्तर तक पहुंचने के आरोप लग रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और नए नाम और दस्तावेज सामने आ सकते हैं, जिससे राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और अधिक तीव्र हो सकती है।
PWD ने लेटलतीफ ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों पर कसा शिकंजा
Government: छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कार्यों में लगातार हो रही देरी और गुणवत्ता से हो रहे समझौते को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उन्हें भविष्य की निविदाओं से बाहर रखा जाएगा। साथ ही, 2024-25 तक के सभी स्वीकृत और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासनिक कसावट के तहत तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिनके तबादले 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित किए जाएंगे। अब इंजीनियरों और अधिकारियों को केवल दफ्तर की फाइलों तक सीमित रहने के बजाय खुद साइट पर जाकर जमीनी हकीकत देखने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाना और जनता के पैसों का सदुपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि फाइलों में अटके प्रोजेक्ट्स समय पर धरातल पर उतर सकें।
फर्जी डॉक्टरों के नेटवर्क पर बड़ा खुलासा, मृत चिकित्सकों के नाम पर चल रहे अस्पताल
Crime Update: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में एक बेहद चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां मृत डॉक्टरों और दूसरे चिकित्सकों के वैध रजिस्ट्रेशन नंबरों का गलत इस्तेमाल कर अस्पताल और क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। राज्य के मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड लंबे समय से अपडेट न होने के कारण इन जालसाजों को यह अवैध रास्ता मिला है, जिससे मरीजों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। गरियाबंद और बिलासपुर जैसे जिलों में ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जहां सामान्य डिग्री वाले लोग खुद को एनेस्थीसिया या सर्जरी विशेषज्ञ बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासनिक हलकों में इस बात को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है कि यदि समय रहते पंजीयन रिकॉर्ड का नवीनीकरण और अस्पतालों की नियमित जांच नहीं की गई, तो ऐसे फर्जीवाड़े और बढ़ सकते हैं। सरकार और संबंधित मेडिकल संस्थाओं के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि केवल बड़े बोर्ड और विज्ञापनों के भरोसे इलाज कराने वाले आम मरीज इन शातिर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं।
लोकसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे, छत्तीसगढ़ निचले पायदान पर
Crime Update: संसद के पटल पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अपराध के ताजा आंकड़ों ने देश के विभिन्न राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक नई बहस छेड़ दी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश 2022 से 2024 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश चार लाख से अधिक मामलों के साथ देश में पहले स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र दूसरे और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर काबिज हैं। वहीं दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के लिए ये आंकड़े काफी राहत देने वाले हैं क्योंकि राज्य में कुल 72,410 अपराध दर्ज किए गए हैं, जो बड़े राज्यों की तुलना में काफी कम हैं और इसी वजह से छत्तीसगढ़ सूची के निचले पायदान पर आता है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुल मामलों की संख्या के साथ-साथ राज्य की आबादी, क्षेत्रफल और पुलिस थानों में रिपोर्टिंग के पैटर्न को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों और सरकारों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है।
बिलासपुर हिरासत मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच
Crime Update: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सर्वोच्च अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुणदेव गौतम की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्हें अक्षम करार दिया और मामले की संपूर्ण जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐतिहासिक आदेश दिया। अदालत ने राज्य सरकार को मृतक के शोक संतप्त परिवार को चार सप्ताह के भीतर 25 लाख रुपये की अंतरिम राहत राशि देने का भी निर्देश दिया है। घटना के ढाई साल बीत जाने के बाद भी समय पर FIR दर्ज न किए जाने और न्यायिक जांच रिपोर्ट के बावजूद उचित कानूनी कार्रवाई न होने पर कोर्ट ने तीखे सवाल उठाए हैं। इस आदेश के बाद अब CBI यह भी जांच करेगी कि किन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस तरह की घटना हुई और समय पर न्याय क्यों नहीं मिला, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रपति भवन के स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेगी धमतरी की लोकसंस्कृति
Culture: छत्तीसगढ़ के लिए एक बेहद गौरवशाली पल सामने आया है, जहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में धमतरी जिले के कलाकार अपनी खास प्रस्तुति देंगे। नगरी विकासखंड के सरईटोला गांव का ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी दल’ राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला और आदिवासी जीवनशैली का जीवंत प्रदर्शन करेगा। नागपुर सांस्कृतिक भवन द्वारा चयनित इन ग्रामीण कलाकारों की यह यात्रा साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बसने वाली कला और संस्कृति का दायरा अब स्थानीय आयोजनों से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान तक पहुंच चुका है। मांदर की तेज और लयबद्ध थाप के साथ पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों में सजे ये कलाकार प्रदेश की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे धमतरी जिले समेत पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह का माहौल है, और यह आयोजन राज्य की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा।
सीजी बोर्ड रिजल्ट से पहले सक्रिय हुए ठग, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किया अलर्ट
Education News: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिंम) की परीक्षाओं के मूल्यांकन और परिणामों के दौरान छात्रों और अभिभावकों को ठगने वाले गिरोह फिर से सक्रिय हो गए हैं। मंडल ने एक आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नंबर बढ़ाने, रिजल्ट सुधारने या फेल छात्र को पास कराने के नाम पर फोन या मैसेज करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भरोसा न करें। ठग अक्सर विद्यार्थियों के रोल नंबर और स्कूल की जानकारी जुटाकर उनके परिजनों को मानसिक रूप से डराते हैं और पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, और पूर्व के कुछ बड़े फर्जी मामलों के मद्देनजर शिक्षा विभाग किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि ऐसा कोई फर्जी कॉल आता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि इन जालसाजों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
आंध्र प्रदेश के पोलावरम प्रोजेक्ट के फैसले से छत्तीसगढ़ के 18 गांवों पर मंडराया डूब का खतरा
Weather Alert: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित गोदावरी नदी पर चल रहे पोलावरम प्रोजेक्ट को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार ने जून 2027 तक इसे हर हाल में पूरा करने का कड़ा ऐलान किया है। इस बड़े फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र और आसपास के 18 गांवों में भारी खौफ और चिंता का माहौल पैदा हो गया है। साल 2018 के एक प्राथमिक सर्वे के अनुसार, इस परियोजना के कारण कोंटा नगर पंचायत समेत कई इलाके डूब क्षेत्र में आ सकते हैं, जिससे लगभग 15 हजार की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होगी। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मुख्य दर्द यह है कि इतने बड़े संकट के बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस पुनर्वास नीति, मुआवजा योजना या पारदर्शी जनसुनवाई नहीं की गई है। प्रभावित जनता अब छत्तीसगढ़ सरकार से मांग कर रही है कि वे समय रहते जलभराव के वास्तविक असर का आकलन कराएं ताकि आने वाले समय में इन परिवारों को समय पर उचित राहत मिल सके।
झीरम कांड मामले में NIA विशेष अदालत ने पूरी की अंतिम सुनवाई, 31 अगस्त को आएगा फैसला
Crime Update: छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े नक्सल और राजनीतिक हमलों में गिने जाने वाले बहुचर्चित झीरम घाटी कांड मामले में न्याय की उम्मीद एक बार फिर तेज हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में लगातार तीन दिनों तक चली लंबी और विस्तृत बहस के बाद न्यायाधीश ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो अब 31 अगस्त को सुनाया जाएगा। पच्चीस मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुए इस खूनी हमले में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल और महेंद्र कर्मा सहित 27 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि शेष आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा था। इस बहुप्रतीक्षित फैसले पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि इस ऐतिहासिक त्रासदी के दोषियों को क्या सजा मिलती है।
एनएमसी की मान्यता मिलते ही छत्तीसगढ़ के नए मेडिकल कॉलेजों से हटाए गए 12 प्रोफेसर
Education News: छत्तीसगढ़ के पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों (कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी और गीदम) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस की 250 सीटों पर मान्यता का अजीब खेल सामने आया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मान्यता हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के अन्य पुराने मेडिकल कॉलेजों से एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों को अस्थायी रूप से इन नए कॉलेजों में तैनात कर दिया था। लेकिन जैसे ही एनएमसी द्वारा कॉलेजों को आधिकारिक मान्यता मिल गई, विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर उनमें से 12 डॉक्टरों को वापस उनके पुराने स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया है। इस अचानक फेरबदल के बाद शिक्षाविदों और छात्रों के मन में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या वह फैकल्टी केवल निरीक्षण के दिखाने के लिए खड़ी की गई थी। यदि मान्यता मिलते ही डॉक्टर हटने लगे, तो इन नए मेडिकल कॉलेजों में आने वाले दिनों में पढ़ाई की गुणवत्ता और व्यवस्था कैसे सुचारू रूप से चल पाएगी, यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
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