
Bhilai Transport News: छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के जाने-माने ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू के व्यावसायिक ठिकानों पर स्टेट जीएसटी (जीएसटी) की टीम ने अचानक दबिश दी है। हथखोज स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (एचटीसी) के दफ्तर और परिसर में अफसरों ने सोमवार को जांच-पड़ताल शुरू की। स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने यह कार्रवाई संयुक्त आयुक्त गुलापा पुरसेठ के निर्देशन में अंजाम दी है। इतने बड़े पैमाने पर संचालित होने वाले ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर विभागीय कार्रवाई की खबर से स्थानीय व्यापारिक हलकों में दिनभर हलचल बनी रही।
भिलाई-बलौदाबाजार में जांच
GST Raid in Bhilai: जांच टीम ने एक साथ भिलाई स्थित मुख्य कार्यालय, गोदाम और बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में अपनी जांच केंद्रित रखी। अधिकारियों ने कंपनी के खरीद-बिक्री, माल परिवहन और कर भुगतान से जुड़े मूल दस्तावेजों की गहराई से जांच की। विभागीय दल के सदस्य कई घंटों तक अलग-अलग ठिकानों पर मौजूद रहकर कागजातों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल करते रहे।
कार्रवाई की वजह अस्पष्ट
GST Raid in Bhilai अधिकारियों द्वारा जांच जारी रहने के कारण फिलहाल विभागीय स्तर पर कार्रवाई के मुख्य कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल और रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही किसी प्रकार की टैक्स अनियमितता अथवा गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। विभागीय रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

भिलाई स्टील प्लांट संबंध
हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी का एक बड़ा व्यावसायिक हिस्सा भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के साथ जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि संयंत्र के भीतर कच्चे माल और अन्य सामग्रियों के परिवहन के लिए कंपनी की लगभग 60 से 70 गाड़ियां नियमित रूप से सेवाएं देती हैं। इसी वजह से ट्रांसपोर्टेशन रिकॉर्ड और गेट पास से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में शामिल किए गए हैं।
इंद्रजीत सिंह की पहचान
इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू भिलाई के बड़े और प्रभावशाली कारोबारियों की सूची में गिने जाते हैं। वे हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर हैं और उनके नेटवर्क में लगभग 1500 ट्रकों का संचालन होता है। व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा वे भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन, यूथ सिख सेवा समिति और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ जैसी संस्थाओं में शीर्ष पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
कार्रवाई पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें जीएसटी विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। टीम ने जांच के दौरान कौन-कौन से रिकॉर्ड जब्त किए हैं और क्या टैक्स देनदारी में कोई अंतर पाया गया है, इसका विवरण विभाग की ओर से जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जारी किया जाएगा।
आगे की संभावित कार्रवाई
विभाग की जांच का दायरा पूरा होने के बाद ही यह तय होगा कि प्रकरण में किसी प्रकार का नोटिस या जुर्माना लगाया जाएगा अथवा नहीं। यदि कागजातों की स्क्रूटनी में किसी भी स्तर पर कर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



