CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें छत्तीसगढ़ में स्कूलों में 100 नए विषयों के जरिए पढ़ाई जाएगी संस्कृति, क्रिप्टो ठगी, मुंगेली में बीईएमएल प्लांट, एम्स में एआई तकनीक, निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी, हाईकोर्ट का सीसीटीवी आदेश, विदेशी बाजारों में कृषि उत्पाद रिजेक्ट, गरियाबंद गांजा जब्ती, नीट काउंसलिंग विवाद और फुंडहर गौठान संकट समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकजीवन अब स्कूलों की पढ़ाई का मुख्य हिस्सा बनेगा
Education News: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोकजीवन, कला और परंपराओं को स्कूली पाठ्यक्रम से जोड़ने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी की देखरेख में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए करीब 100 नए विषयों पर व्यापक पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है। इस विशेष पहल के तहत पाठ्यपुस्तकों में ठेठरी-खुरमी, पारंपरिक खान-पान, पंथी नृत्य, डोकरा कला, बस्तर दशहरा, और विभिन्न लोक पर्वों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, गुरु घासीदास, गहिरा गुरु, माता शबरी, और वीर नारायण सिंह जैसे महान लोकनायकों एवं संतों के जीवन दर्शन को भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें साहित्यकार, संस्कृतिविद और विषय विशेषज्ञ मिलकर अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। सरकार का यह उद्देश्य है कि नई पीढ़ी अपनी माटी की खुशबू, लोकभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़ी रहे।
क्रिप्टो ट्रेडिंग में दोगुने मुनाफे का झांसा देकर 17 लोगों से 1.80 करोड़ की ठगी
Crime Update: अंबिकापुर जिले में क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर एक बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां दो शातिर भाइयों ने 17 लोगों से एक करोड़ अस्सी लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। आरोपियों ने निवेशकों को कम समय में पैसा दोगुना करने और हर महीने भारी-भरकम कमीशन देने का लालच दिया था, जिसके झांसे में आकर दर्जनों लोगों ने अपनी जीवनभर की जमापूंजी निवेश कर दी थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि यह पूरा फर्जीवाड़ा दिसंबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच नकद, चेक और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए अंजाम दिया गया। जब निवेशकों ने अपना मुनाफा और मूलधन वापस मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और अंततः अपने मोबाइल फोन बंद कर परिवार सहित फरार हो गए। पीड़ित व्यक्ति प्रभु नारायण की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अक्षय लाल टोप्पो और उसके भाई संतोष टोप्पो के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लुभावने ऑनलाइन निवेश प्रस्ताव में फंसने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।
मुंगेली के चंद्रगढ़ी में बीईएमएल का भारी मशीनरी संयंत्र बनेगा औद्योगिक विकास का आधार
Government: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में औद्योगिक विकास का नया और सुनहरा अध्याय शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत पथरिया तहसील के ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी बीईएमएल का भारी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप राज्य मंत्रिपरिषद ने इस प्रतिष्ठित मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम के लिए 79.70 एकड़ सरकारी जमीन रियायती दरों पर आवंटित करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह संयंत्र छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला भारी मशीनरी निर्माण केंद्र होगा, जिससे राज्य में आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इस बड़े औद्योगिक निवेश के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स तथा स्पेयर पार्ट्स जैसे सहायक उद्योगों की एक लंबी श्रृंखला विकसित होगी। रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने वाला यह प्लांट मुंगेली को छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
एम्स रायपुर और एनआईटी के बीच ऐतिहासिक समझौता, स्वास्थ्य सेवाओं में होगी एआई की एंट्री
Technology News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है, जिसके तहत चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के मध्य हुए इस महत्वपूर्ण समझौते के बाद अब गंभीर बीमारियों की पहचान, इलाज के सटीक फैसले, मरीजों की सतत निगरानी और अस्पताल के प्रशासनिक प्रबंधन में एआई तकनीक डॉक्टरों की मदद करेगी। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य किसी भी रूप में डॉक्टरों का विकल्प बनना नहीं है, बल्कि उन्हें एक उन्नत सहायक उपकरण प्रदान करना है ताकि जटिल मामलों में समय रहते सटीक निर्णय लिए जा सकें। एनआईटी रायपुर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एम्स की वास्तविक चिकित्सा चुनौतियों के आधार पर अत्याधुनिक तकनीकी समाधान और सॉफ्टवेयर विकसित करेगा, जिससे मेडिकल और इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप एवं शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे। इस पहल से न केवल आम मरीजों को तेज और उच्च गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के मामले में देश भर में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
निजी विश्वविद्यालयों की फीस और प्रवेश प्रक्रिया पर सरकार सख्त, लगातार जारी हो रहे निर्देश
Higher Education: छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों में संचालित तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस निर्धारण तथा प्रवेश प्रक्रिया को लेकर पिछले दो वर्षों से चल रही प्रशासनिक खींचतान अब गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। वर्ष 2024 से अगस्त 2026 के बीच सरकार और विनियामक आयोगों द्वारा बार-बार पत्र तथा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जमीन पर नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। मुख्य विवाद इस बात को लेकर है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के माध्यम से तय होनी चाहिए, जबकि कई विश्वविद्यालय अपने स्तर पर ही फीस वसूल रहे हैं। तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि एआईसीटीई, फार्मेसी काउंसिल और अन्य नियामक संस्थाओं से अनुमोदित पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की प्रवेश परीक्षाओं और निर्धारित मेरिट सूची के आधार पर ही दिए जाएं। इस दोहरी व्यवस्था और पारदर्शिता की कमी के कारण छात्रों तथा अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसे दूर करने के लिए प्रशासन अब और अधिक कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।
थानों के सीसीटीवी कैमरों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, अठारह महीने की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी
Legal News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे सुचारू रूप से चालू रहने चाहिए और उनका कम से कम अठारह महीने का फुटेज अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। गौरेला थाने से जुड़े एक एनडीपीएस मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि तकनीकी खराबी या प्रशासनिक लापरवाही के नाम पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का नष्ट होना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि केवल थानों में कैमरे लगवा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए पर्याप्त स्टोरेज और निर्बाध पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए अदालत ने आदेश की प्रति मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को प्रेषित की है, ताकि प्रदेश के लगभग सभी 550 थानों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग हो सके। इस ऐतिहासिक निर्देश के बाद अब पुलिस हिरासत और पूछताछ के दौरान पारदर्शिता बढ़ने तथा मानवाधिकारों की रक्षा होने की पूरी उम्मीद है।
खेत से थाली तक पहुंच रहा जहर, मानक से अधिक कीटनाशक मिलने पर विदेशी बाजारों ने लौटाए उत्पाद
Agriculture News: भारतीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि देश के फल, सब्जियों और मसालों में फंगस और तय सीमा से अधिक कीटनाशकों के अंश पाए जा रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जापान, चीन और यूरोपीय देशों ने भारतीय कृषि खेपों को सिरे से खारिज करना शुरू कर दिया है, जिसमें जापान द्वारा भारतीय आमों के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना शामिल है। इसके अलावा, चीन ने भी गैर बासमती चावल की खेपों में जेनेटिकली मॉडिफाइड अंश मिलने और मिर्च में मेथामिडोफॉस जैसे जहरीले रसायनों की मात्रा तय सीमा से अधिक पाए जाने पर कई कंसाइनमेंट वापस भेज दिए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश के तेरह राज्यों से लिए गए नमूनों में से तीन प्रतिशत से अधिक सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस प्रकार की लापरवाह सप्लाई चेन के कारण न केवल देशवासियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में भारत की साख को भी करारा झटका लग रहा है।
गरियाबंद पुलिस का ऑपरेशन निश्चय, अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट पर दो करोड़ का गांजा बरामद और पांच तस्कर गिरफ्तार
Crime Update: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। देवभोग थाना पुलिस ने एनएच-130सी के खुटगांव अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट पर सघन वाहन चेकिंग के दौरान एक आयशर ट्रक से दो करोड़ रुपए कीमत का कुल चार सौ किलो गांजा बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तस्करी में संलिप्त पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ओडिशा से गांजा सप्लाई करने वाला मुख्य सरगना भी शामिल है। आरोपी ओडिशा के कालाहांडी से भारी मात्रा में गांजा भरकर महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की ओर ले जा रहे थे और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए एक ग्लैमर बाइक से आगे-आगे पायलटिंग कर रहे थे। पुलिस ने तस्करों के कब्जे से आयशर वाहन, मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और साढ़े छह लाख रुपए नकद जब्त किए हैं। गरियाबंद पुलिस की इस उत्कृष्ट और साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
नीट यूजी काउंसलिंग 2026 को लेकर सियासत तेज, डोमिसाइल सत्यापन और छात्र प्रदर्शन पर गरमाई राजनीति
Politics: छत्तीसगढ़ में नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जहां डोमिसाइल और दस्तावेजों के सत्यापन के नियमों को लेकर तीखा सियासी संघर्ष देखने को मिल रहा है। एनएसयूआई द्वारा मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास के घेराव के ऐलान के बाद, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कड़ा पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग और भ्रमित तत्व जानबूझकर जे-जेन यूथ को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया को बेवजह विवादों में घसीटा जा सके। सरकार ने इस बार स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग के दौरान मूल निवासी प्रमाण पत्र के साथ-साथ श्रेणी और संवर्ग दस्तावेजों की बेहद बारीकी से जांच की जाएगी और पहली बार इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व विभाग की टीमों को भी शामिल किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार का कोई लूपहोल न बचे। प्रशासन के इस कड़े रुख के बीच छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन और सरकार की तैयारियां आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकती हैं।
फुंडहर गौठान में क्षमता से अधिक मवेशियों के पहुंचने पर गहराया संकट, प्रबंधन और भुगतान को लेकर विवाद
Local News: रायपुर के फुंडहर गौठान में गौवंश की संख्या तय अनुबंध सीमा से दोगुनी से भी अधिक हो जाने के कारण गंभीर प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी संकट पैदा हो गया है। नगर निगम के साथ हुए समझौते के अनुसार इस गौठान में मात्र दो सौ साठ मवेशियों की देखरेख का अनुबंध था और प्रति मवेशी प्रतिदिन के हिसाब से बजट तय किया गया था, लेकिन नगर निगम द्वारा लगातार मवेशी भेजे जाने के कारण यहाँ गौवंश की संख्या छह सौ से भी अधिक पहुंच गई है। पर्याप्त चारे, जीवन रक्षक दवाओं और बुनियादी सुविधाओं के अभाव तथा पिछले दिनों हुई कई गायों की आकस्मिक मौत के बाद गौठान संचालक ने व्यवस्थाओं से हाथ खड़े करते हुए नगर निगम को संचालन सुपुर्द करने का पत्र सौंप दिया है। संचालक का यह आरोप है कि दस महीनों में दस से अधिक बार पत्राचार करने के बावजूद नगर निगम द्वारा केवल अनुबंध वाली शुरुआती संख्या के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे भारी वित्तीय घाटा हो रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद राजधानी के गौठानों की प्रशासनिक व्यवस्था और मवेशियों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, जिस पर नगर निगम प्रशासन को जल्द ही ठोस समाधान निकालना होगा।



