CG Jail Rakshabandhan: छत्तीसगढ़ की जेलों में मना रक्षाबंधन, भावुक पल के बीच बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी

CG Jail Rakshabandhan: छत्तीसगढ़ की जेलों में रक्षाबंधन का पर्व पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। राज्य भर की 5 केंद्रीय जेलों, 22 जिला जेलों और 6 उप जेलों में सुबह से ही बहनों की भीड़ अपने भाइयों से मिलने पहुंची। जेल परिसर में बने विशेष मुलाकात कक्षों में बहनों ने अपने निरुद्ध भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और उनके बेहतर भविष्य की कामना की। बदले में भाइयों ने भी अपनी बहनों को सुरक्षा देने और रिहाई के बाद सत्मार्ग पर चलने का वचन दिया।

डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने दी व्यवस्थाओं की जानकारी

CG Jail Rakshabandhan: डीजी जेल हिमांशु गुप्ता के अनुसार प्रदेश की सभी 33 जेलों में रक्षाबंधन के लिए विशेष प्रबंध किए गए। जेल प्रशासन ने परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालय, पेयजल और सहायता काउंटर स्थापित किए। बहनों के लिए तिलक, अक्षत, पूजा सामग्री और मिठाई की व्यवस्था जेल परिसर के भीतर ही की गई थी, जिससे किसी भी आगंतुक को असुविधा का सामना न करना पड़े।

सांस्कृतिक आयोजनों से बंदियों में सुधारत्मक बदलाव की पहल

CG Raksha Bandhan 2026: जेल विभाग का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजन बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। सलाखों के पीछे रहने वाले कैदियों को जब उनके परिवार और समाज से जुड़ने का अवसर मिलता है, तो उनमें नैतिक मूल्यों का विकास होता है। यह प्रयास बंदियों को अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने की प्रेरणा देता है।

रायगढ़, दुर्ग और बलौदाबाजार में दिखे भावुक दृश्य

रायगढ़, दुर्ग और बलौदाबाजार की जेलों के बाहर तड़के से ही बहनों की लंबी कतारें देखी गईं। सुरक्षा जांच के बाद बहनों को क्रमवार अंदर जाने की अनुमति दी गई। मुलाकात के दौरान कई भाई-बहन एक-दूसरे को देखकर भावुक हो गए। बहनों ने भाइयों का मुंह मीठा कराया और उनका हालचाल जाना। प्रशासन द्वारा दिनभर मुलाकात का समय तय किए जाने से परिजनों को सहूलियत मिली।

भद्रा रहित मुहूर्त में दिनभर बंधा रक्षा-सूत्र

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहा, जिससे दिनभर राखी बांधने का शुभ संयोग बना रहा। हालांकि पंचक का प्रभाव था, लेकिन पंचांग के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान और रक्षा-सूत्र बांधने में इससे कोई बाधा नहीं आई। प्रदेशभर में सुबह से लेकर शाम तक लोगों ने पूरे उत्साह के साथ त्यौहार की परंपराओं को निभाया।

रायपुर के गरिमा गृह में भी दिखा प्रेम का भाव

राजधानी रायपुर स्थित ट्रांसजेंडर शेल्टर होम ‘गरिमा गृह’ में भी रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता के साथ मनाया गया। यहां रहने वाले लोगों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर आपसी सद्भाव का संदेश दिया। इस दौरान शेल्टर होम में विशेष भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने इस पर्व को समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी बनाया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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