CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें मंत्रियों को ‘घर-घर’ का टारगेट, रायपुर में तेल संकट और चोरी का पर्दाफाश, कैंप में जवान की खुदकुशी, फर्जी जाति पर हाईकोर्ट सख्त, मंत्रालय स्टाफ के लिए ट्रेन प्लान, जमीन दबाने वाले 800 उद्योगपतियों को नोटिस, धमतरी में आधुनिक ‘लइका घर’, बीजापुर में वन भूमि पर अवैध खुदाई, बस्तर में फैक्ट्रियों के पानी से 350 एकड़ खेती बंजर और मंत्रिमंडल फेरबदल पर सीएम साय का बड़ा बयान समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
भाजपा का ‘घर-घर चलो अभियान’: मंत्रियों और विधायकों को मिला कड़ा टारगेट
छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर भाजपा ने सोमवार से राज्य में ‘घर-घर चलो अभियान’ की शुरुआत की है। इस बार पार्टी आलाकमान ने साफ कर दिया है कि नेताओं को केवल मंच से भाषण देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें सीधे जनता के दरवाजे तक जाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और संगठन महामंत्री पवन साय ने इस संबंध में विधायकों और सांसदों के साथ एक बड़ी वर्चुअल बैठक की। बैठक में सभी नेताओं को उनके कद के हिसाब से लोगों से मिलने का लक्ष्य दिया गया है। इस अभियान के तहत मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को कम से कम 50-50 नए लोगों से मुलाकात करनी होगी। वहीं राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को 25, जिला पदाधिकारियों को 15 और मंडल अध्यक्षों को 10-10 घरों में जाना होगा। 10 जून को पूरे प्रदेश के बड़े मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम खुद अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों के घरों पर दस्तक देंगे और सरकारी योजनाओं के लाभ की जमीनी हकीकत जानेंगे। इस पूरी कवायद को साल 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
रायपुर में पेट्रोल-डीजल का संकट: कबीर नगर में तेल चोरी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़
राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने से आम जनता परेशान है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की नौबत आ गई है। इसी बीच रायपुर के कबीर नगर इलाके में पुलिस ने टैंकरों से ईंधन चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। दरअसल ऑयल कंपनियों ने टैंकरों की सप्लाई का समय 24 घंटे से घटाकर सिर्फ 8 घंटे कर दिया है, जिससे ईंधन समय पर पंपों तक नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरी ओर खेती का सीजन शुरू होने से गांवों में डीजल की मांग बढ़ गई है। इसके साथ ही रसोई गैस की डिलीवरी में भी लोगों को 8 से 10 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। ईंधन की इस किल्लत के बीच पुलिस ने कबीर नगर के एक यार्ड में छापा मारकर करीब 1600 लीटर पेट्रोल और 1700 लीटर डीजल बरामद किया। मौके से चोरी में इस्तेमाल होने वाले ड्रम, पाइप और टैंकर जब्त किए गए हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
कोंडागांव सीएएफ कैंप में हादसा: जवान ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी
कोंडागांव जिले के उरंदाबेड़ा थाना क्षेत्र से एक दुखद खबर आई है। यहाँ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक कैंप में तैनात जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से कैंप में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक जवान की पहचान जोगेंद्र नेताम के रूप में हुई है, जो सीएएफ की 5वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर तैनात था। जोगेंद्र की पोस्टिंग 3 महीने पहले ही इस कैंप में हुई थी। सुरक्षा ड्यूटी के दौरान उसने अपनी इंसास राइफल से अपनी कनपटी पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर जब तक दूसरे जवान मौके पर पहुंचे, तब तक जोगेंद्र की मौत हो चुकी थी। कोंडागांव के पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है कि जवान ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वालों पर कड़ा रुख: हाईकोर्ट ने दिया 4 महीने का समय
बिलासपुर हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले लोगों के खिलाफ एक बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि शिकायत मिलने के 4 महीने के भीतर पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह फैसला याचिकाकर्ता जयश्री सिंह पुसाम की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इससे पहले कोर्ट ने 17 जून 2025 को भी ऐसे मामलों की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन उसमें कोई समयसीमा तय नहीं थी। समयसीमा न होने के कारण अधिकारियों ने एक साल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे पात्र युवाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा था। अब हाईकोर्ट ने इस कमी को दूर करते हुए स्पष्ट डेडलाइन तय कर दी है। याचिकाकर्ता को संबंधित विभाग के सामने नए सिरे से अपनी बात रखनी होगी, जिसके बाद अधिकारियों को 4 महीने के भीतर जांच पूरी कर फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे लोगों को हटाना होगा।
मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए नया प्लान: बसों की जगह ट्रेन से सफर करने का प्रस्ताव
नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और डायरेक्टरेट के कर्मचारियों के लिए सरकार एक नया ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को बसों के बजाय ट्रेन से दफ्तर लाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इससे हर साल करीब 30 करोड़ रुपए की बचत होगी, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। इस योजना के अनुसार कर्मचारियों को पहले खुद के साधनों से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। वहाँ से वे ट्रेन द्वारा नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन जाएंगे। सीबीडी स्टेशन से मंत्रालय तक जाने के लिए सरकार 40 नई छोटी ई-बसें खरीदने की योजना बना रही है।अधिकारियों का कहना है कि इससे पर्यावरण को फायदा होगा और पुरानी हो चुकी बसों का खर्च बचेगा। दूसरी तरफ कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस व्यवस्था से उनके समय और पैसे का नुकसान होगा। सुबह 10 बजे दफ्तर पहुंचने के लिए उन्हें घरों से बहुत जल्दी निकलना पड़ेगा, जिससे उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ेगा।
सीएसआईडीसी की बड़ी कार्रवाई: जमीन लेकर उद्योग न लगाने वाले 800 कारोबारियों को नोटिस
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन लेकर खाली छोड़ने वाले करीब 800 उद्योगपतियों को नोटिस भेजा है। इन सभी से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है कि उन्होंने तय समय में अपनी फैक्ट्री क्यों शुरू नहीं की। नियमों के अनुसार लीज पर जमीन मिलने के बाद 2 साल के भीतर उत्पादन शुरू करना जरूरी होता है। रायपुर, उरला और सिलतरा जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में कई कंपनियों ने सालों पहले जमीन ली थी, लेकिन वहाँ कोई काम शुरू नहीं हुआ। इससे नए निवेशकों को जमीन नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर जमीन की लीज रद्द कर दी जाएगी। अब तक लगभग 250 उद्यमियों से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। सरकार का मानना है कि इन खाली भूखंडों को वापस लेकर नए उद्योगों को देने से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
CM साय के विजन को मिला आकार, धमतरी में खुला आधुनिक लइका घर
धमतरी। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम सियादेही में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी गई है। यहां एक आधुनिक और बाल-अनुकूल ‘लइका घर’ तैयार किया गया है, जो प्रारंभिक बाल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल बनकर सामने आया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह सपना है कि न केवल समाज के हर व्यक्ति बल्कि नौनिहाल जो देश का भविष्य है उनको शिक्षा, स्वास्थ्य और हर सुविधा मिले, जिसके चलते धमतरी में सुसज्जित और सुविधा से लैस लइका घर खुला है, जो न केवल एक भवन, बल्कि बच्चों के सपनों और संभावनाओं को आकार देने वाला केंद्र है। यहां बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए ज्ञानवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक खेल-खिलौनों की व्यवस्था की गई है।रंग-बिरंगी दीवारों पर वर्णमाला, अंक, फल, सब्जियां, पशु-पक्षियों और प्रकृति से जुड़े आकर्षक चित्र बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करते हैं। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसका एकीकृत शैक्षणिक मॉडल है। एक ही परिसर में लइका घर, आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत 7 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को लइका घर में प्रारंभिक देखभाल और विकासात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके बाद 3 से 6 वर्ष तक आंगनबाड़ी और फिर उसी परिसर में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी।
बीजापुर में सड़क निर्माण की आड़ में अवैध उत्खनन: वन भूमि को पहुंचाया जा रहा नुकसान
बीजापुर विकासखंड की तुमनार पंचायत में बन रही एक सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तराईपारा से तूमनार तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें ठेकेदार पर वन भूमि से अवैध रूप से मुरुम निकालने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुकमा की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा तालाब के किनारे और जंगल की जमीन को खोदकर मुरुम निकाला जा रहा है। इस प्रक्रिया में कई पेड़-पौधों को भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार पहले भी ऐसे मामलों में विवादों में रह चुका है। इस पूरे मामले में वन विभाग की टीम की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई और जुर्माने से बचने के लिए अब दिन के बजाय रात के अंधेरे में जंगलों से मुरुम की खुदाई की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मामले की तुरंत जांच करने की मांग की है।
नगरनार एनएमडीसी के पानी से 350 एकड़ खेती प्रभावित: बंजर हो रही जमीन से किसान परेशान
बस्तर के नगरनार और कस्तूरी पंचायत के किसानों में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि एनएमडीसी और अन्य फैक्ट्रियों से निकलने वाला आयरन युक्त काला पानी उनके खेतों में आ रहा है, जिससे 350 एकड़ से ज्यादा फसल खराब हो चुकी है। मृदा परीक्षण विभाग की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि खेतों की मिट्टी में आयरन और पोटाश की मात्रा तय मानकों से कहीं ज्यादा हो चुकी है। किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर पहले प्रति एकड़ 20 से 22 क्विंटल धान होता था, वहाँ अब सिर्फ 3 से 4 क्विंटल ही उत्पादन हो रहा है। किसान लंबे समय से इस पानी को रोकने की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने जांच टीम भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन एक सप्ताह बाद भी कोई टीम नहीं पहुंची। किसानों ने चेतावनी दी है कि या तो इस दूषित पानी को तुरंत रोका जाए या फिर उनकी जमीनों का मुआवजा देकर परिवार के सदस्यों को स्थाई नौकरी दी जाए।
मंत्रिमंडल में फेरबदल की खबरों पर बोले सीएम साय: यह सिर्फ राजनीतिक कयासबाजी है
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गलियारों में चल रही ऐसी बातें केवल अनुमानों पर आधारित हैं। दरअसल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि वे मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नए चेहरों को शामिल करने के सिलसिले में केंद्रीय नेताओं से मिलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायपुर में मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उनके इस दौरे का मंत्रिमंडल से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वे दिल्ली में आयोजित होने वाली नीति आयोग की बैठक और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इस बयान के बाद पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर फिलहाल रोक लग गई है।



