
Ration Card Rules Biometric Fingerprint: अगर आप राशन कार्ड धारक हैं, तो सरकारी उचित मूल्य की दुकान पर जाने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें. खाद्य विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है. अब सरकारी राशन दुकानों पर सिर्फ मोबाइल ओटीपी (OTP) के जरिए अनाज लेने की सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों को अब अनिवार्य रूप से दुकान पहुंचकर ई-पॉश (e-PoS) मशीन पर अपना फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) पंच करना होगा, तभी उन्हें चावल और अन्य सामग्री मिल सकेगी. विभाग का मानना है कि इस कदम से राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और असली हकदारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचेगा.
जमीनी हकीकत जानने राशन दुकान पहुंचीं संचालक फरिहा आलम, खुद फिंगर लगाकर खरीदा चावल
नियमों के जमीनी पालन को परखने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक फरिहा आलम सिद्दीकी अचानक रायपुर की राशन दुकानों के औचक निरीक्षण पर निकलीं. उन्होंने देवेंद्रनगर स्थित उचित मूल्य की दुकान का बारीकी से जायजा लिया. व्यवस्था की सत्यता जांचने के लिए उन्होंने खुद अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल किया और बायोमेट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाया. फिंगरप्रिंट मैच होने के बाद उन्होंने बाकायदा पैसे देकर 20 किलो एपीएल (APL) चावल खरीदा और रसीद ली. संचालक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी दुकानों में सर्वर और मशीनों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर बनाए रखें.
बुजुर्गों और छोटे बच्चों को मिलेगी विशेष छूट, लेकिन माननी होगी यह कड़ी शर्त
खाद्य विभाग ने इस कड़े नियम के बीच कुछ व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए कुछ खास वर्गों को आंशिक राहत भी दी है. अगर किसी राशन कार्डधारी परिवार में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग या 10 साल से कम उम्र के छोटे बच्चे हैं, और बढ़ती उम्र या अन्य कारणों से मशीन में उनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं, तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसे विशेष और genuine मामलों में विभाग ने ओटीपी के माध्यम से राशन देने की अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा.
दुकानदार मनमर्जी से नहीं दे सकेंगे ओटीपी राशन, पहले खाद्य निरीक्षक से लेनी होगी मंजूरी
छूट के दायरे में आने वाले हितग्राहियों को राशन देने के लिए दुकानदारों पर कड़ी शर्तें लगाई गई हैं. फिंगरप्रिंट मैच न होने की स्थिति में उचित मूल्य दुकान संचालक सीधे अपने स्तर पर ओटीपी नहीं भेज सकेगा. उसे सबसे पहले अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक (फूड इंस्पेक्टर) को मामले की जानकारी देनी होगी. खाद्य निरीक्षक की ऑनलाइन या मौखिक अनुमति मिलने के बाद ही ई-पॉश मशीन में ओटीपी का विकल्प खुलेगा. इसके साथ ही दुकानदारों को ऐसे सभी उपभोक्ताओं की एक अलग और विस्तृत सूची बनाकर हर महीने खाद्य विभाग के दफ्तर में जमा करनी होगी.
जिला खाद्य नियंत्रक की दुकानदारों को दोटूक चेतावनी, गड़बड़ी मिलने पर कटेगा लाइसेंस
नियमों को लेकर जिला खाद्य नियंत्रक ने रायपुर शहर के सभी राशन दुकान संचालकों की एक आवश्यक बैठक ली. बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि कोई भी संचालक अपनी मर्जी या सुविधा के अनुसार किसी भी सामान्य कार्डधारी को ओटीपी से राशन नहीं बांटेगा. अगर किसी दुकान में बिना पूर्व अनुमति या बिना ठोस कारण के बार-बार ओटीपी सिस्टम का उपयोग होता पाया गया, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित दुकान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दुकान का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.
राशन लेने जाने से पहले आधार लिंक होना जरूरी
बायोमेट्रिक मशीनों के नए अपडेट के बाद फिंगरप्रिंट लेने में अब ज्यादा समय नहीं लग रहा है और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो गई है. विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे दुकान जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक हो, ताकि बायोमेट्रिक मिलान के समय किसी भी तरह की तकनीकी रुकावट न आए.



