CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें कांग्रेस जिला अध्यक्षों का 10 दिवसीय ट्रेनिंग कैंप, बलौदाबाजार में 5 दिन में 8 मौतों से हड़कंप, 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, बलरामपुर में ग्रामीणों ने बनाए 2000 वॉटर मॉडल, 105 करोड़ का हेलीकॉप्टर टेंडर खाली, पुनर्वास नीति से नाराज नक्सल पीड़ितों का आंदोलन, अंबिकापुर बस स्टैंड पर मानव तस्करी का भंडाफोड़, असम विमान हादसे में 5 जवान शहीद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की 956 हेक्टेयर वनभूमि मुक्त और डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ परियोजना पर विवाद समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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रायपुर: कांग्रेस जिला अध्यक्षों का 10 दिनों का ट्रेनिंग कैंप 21 जून से, राहुल गांधी देंगे गुरुमंत्र

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए नियुक्त हुए जिला अध्यक्षों के लिए 21 जून से अभनपुर में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होने जा रहा है। इस कैंप में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे और संगठन को मजबूत करने के गुर सिखाएंगे। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 30 जून तक चलेगा। कार्यक्रम के लिए अभनपुर के श्री आशुतोष अलका अप्पलवार मंगल भवन को चुना गया है, जहाँ तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी नए जिला अध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य की है। शिविर का मुख्य उद्देश्य संगठन में नई ऊर्जा फूंकना है। राहुल गांधी कैंप के दौरान किसी एक दिन शामिल होकर नेताओं का मार्गदर्शन करेंगे, जबकि AICC के सचिव पूरे 10 दिन वहाँ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, सीएलपी नेता और प्रभारी महासचिव को कम से कम 5 दिन रुकना होगा। सभी अध्यक्षों को 21 जून की दोपहर 12 बजे तक पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं।

बलौदाबाजार: 5 दिन में 8 ग्रामीणों की मौत से हड़कंप, जहरीली शराब की आशंका में कब्र से निकाले जा रहे शव

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खर्वे गांव में इस समय डर का माहौल है। यहाँ महज 5 दिनों के भीतर 8 ग्रामीणों की जान चली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने इन लोगों को जहर मिली शराब पिलाई थी, जिससे इनकी मौत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट (FSL) की टीम ने दफनाए गए शवों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। शवों का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक टेस्ट कराया जाएगा ताकि मौत की सही वजह सामने आ सके। इस घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुँचे थे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल अवैध या मिलावटी शराब के नेटवर्क समेत सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।

स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से स्कूल खुलने की खबर फर्जी, 16 जून से ही शुरू होगा नया सत्र

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि भीषण गर्मी के कारण छत्तीसगढ़ में स्कूल अब 1 जुलाई से खुलेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस खबर को पूरी तरह से गलत और फर्जी बताया है। विभाग ने साफ किया है कि राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल अपने तय समय यानी 16 जून 2026 से ही खुलेंगे। इस आधिकारिक आदेश के बाद पालकों और बच्चों के बीच का भ्रम दूर हो गया है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों पर यकीन न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी को ही सही मानें। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 16 जून से बच्चों के स्वागत और शाला प्रवेश उत्सव की तैयारी पूरी कर लें।

बलरामपुर: ‘मोर गाँव, मोर पानी’ अभियान में ग्रामीणों ने रचा इतिहास, एक दिन में बनाए 2000 वॉटर मॉडल

छत्तीसगढ़ सरकार के “मोर गाँव, मोर पानी” महाअभियान के तहत बलरामपुर जिले में जल संरक्षण की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। यहाँ के रामचंद्रपुर विकासखंड में ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और पंचायत स्टाफ ने मिलकर सिर्फ एक दिन में 2000 जल संरक्षण संरचनाओं (5 प्रतिशत मॉडल) का निर्माण कर दिया। बलरामपुर का यह इलाका पहाड़ी और पथरीला है, जिससे गर्मियों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। मानसून से ठीक पहले किए गए इस सामूहिक प्रयास से इस बार बारिश के पानी को सहेजा जा सकेगा। इससे आने वाले समय में किसानों को सिंचाई और ग्रामीणों को पीने के पानी के संकट से बड़ी राहत मिलेगी। पारदर्शिता के लिए इस पूरे काम की डिजिटल मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

एविएशन विभाग की बढ़ी चिंता: 105 करोड़ का हेलीकॉप्टर टेंडर खाली, कंपनियों ने नहीं दिखाई रुचि

छत्तीसगढ़ सरकार दूरदराज के इलाकों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 105 करोड़ रुपये की लागत से एक नया हेलीकॉप्टर किराये (वेट लीज) पर लेना चाहती है। इसके लिए विमानन संचालनालय ने ग्लोबल टेंडर जारी किया था, लेकिन पहली समयसीमा खत्म होने तक किसी भी कंपनी ने इसके लिए बोली नहीं लगाई। अब विभाग ने टेंडर की आखिरी तारीख बढ़ाकर 17 जून कर दी है। सरकार को वीआईपी सुविधाओं से लैस ऐसा वातानुकूलित हेलीकॉप्टर चाहिए जिसमें कम से कम 8 लोग बैठ सकें। वेट लीज मॉडल होने के कारण पायलट, इंजीनियर और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि टेंडर की कठिन तकनीकी शर्तों और भारत में इस श्रेणी के हेलीकॉप्टर देने वाली कंपनियों की कमी के कारण किसी ने रुचि नहीं दिखाई। इस टेंडर के बाद अब यह बहस भी शुरू हो गई है कि किराये पर लेने के बजाय नया हेलीकॉप्टर खरीदना ज्यादा सस्ता हो सकता है।

रायपुर: पुनर्वास नीति के फैसले न होने से नाराज नक्सल पीड़ित, राजधानी में बड़े आंदोलन की तैयारी

छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा का शिकार हुए परिवारों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 120 दिनों के भीतर मिलने वाली मदद महीनों बीतने के बाद भी कागजों में अटकी है। 10 जून को हुई उच्च स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में भी कोई ठोस फैसला नहीं हो सका, जिससे पीड़ित परिवार खाली हाथ लौट आए। पीड़ितों की मांग है कि उन्हें नीति के तहत सरकारी नौकरी या सहायता राशि, रहने के लिए जमीन और केंद्रीय मदद दी जाए। पुलिस विभाग की रिपोर्ट और आईजी स्तर से सिफारिश के बाद भी कलेक्टर स्तर पर मामला अटका हुआ है। स्थानीय प्रशासन के इस रवैये से परेशान होकर अब पीड़ितों ने सीधे राजधानी रायपुर का रुख करने और मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया है।

अंबिकापुर: बस स्टैंड पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, झारखंड की बस से 16 युवतियां मुक्त, मानव तस्करी का भंडाफोड़

सरगुजा जिले के अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की टीम ने मिलकर मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को नाकाम कर दिया है। टीम ने झारखंड से आई एक संदिग्ध बस की घेराबंदी कर 16 युवतियों सहित कुल 20 लोगों को आजाद कराया है। इन सभी को बहला-फुसलाकर राज्य से बाहर भेजने की साजिश थी। पूछताछ में पता चला है कि इन युवाओं को अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का झांसा देकर कर्नाटक ले जाया जा रहा था। जिला बाल संरक्षण इकाई और एक सामाजिक संस्था को इसकी गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई। मुक्त कराए गए बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखकर उनकी काउंसलिंग की जा रही है, जबकि पुलिस स्थानीय दलालों के नेटवर्क को तलाश रही है।

विमान हादसा: असम में वायुसेना का एएन-32 विमान क्रैश, 5 जवान शहीद, मुख्यमंत्री साय ने जताया दुख

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक एएन-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान के दौरान लैंडिंग करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के 5 वीर जवानों का निधन हो गया, जबकि सह-पायलट घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। इस घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात इन वीरों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। इस हादसे में शहीद होने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। वायुसेना ने इन सभी को कर्तव्य मार्ग पर जान न्यौछावर करने वाला सच्चा योद्धा बताया है।

गरियाबंद-धमतरी: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की 956 हेक्टेयर वनभूमि मुक्त, 15 साल में कटे थे 10 लाख पेड़

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले 15 वर्षों से चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने सैटेलाइट तस्वीरों, ड्रोन सर्वे और जीपीएस की मदद से 956 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त करा लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जमीन पर खेती और बस्तियां बसाने के लिए करीब 10 लाख से अधिक पेड़ नष्ट किए गए थे। टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि अतिक्रमणकारी पेड़ों को सीधे काटने के बजाय उनकी छाल हटाकर सुखा देते थे, ताकि वे प्राकृतिक मौत लगें। इस अवैध कब्जे के कारण बाघों और हाथियों के रहने का इलाका प्रभावित हो रहा था। वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर कोर्ट ने भी कब्जाधारियों की याचिकाएं खारिज कर दीं। जमीन मुक्त होने के बाद अब यहाँ फिर से जंगल पनपने लगा है।

डोंगरगढ़: परिक्रमा पथ परियोजना को लेकर नया विवाद, 11 किसानों ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

डोंगरगढ़ में प्रस्तावित 8 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ के लिए 11 किसानों की निजी जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि जब इलाके में पर्याप्त सरकारी जमीन मौजूद है, तो निजी जमीनों को क्यों खरीदा जा रहा है। किसानों ने इसमें भू-माफियाओं की साठगांठ का आरोप लगाया है। ग्राम छिरपानी के किसानों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें न तो योजना का पूरा नक्शा दिखाया और न ही जमीन के हिस्से की सही जानकारी दी। किसानों के मुताबिक सरकारी अधिकारी के बजाय कुछ निजी डीलर उनसे संपर्क कर रहे हैं, जिससे उनका संदेह और बढ़ गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई और दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हुए, तो वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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