New Education Minister Pralhad Joshi: प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, जानिए कौन हैं और कितनी है इनकी शैक्षणिक योग्यता

Pralhad Joshi New Education Minister: नीट-यूजी परीक्षा विवाद और देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही सरकार ने बिना देरी किए नए शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

कौन हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे। राजनीतिक सफर की बात करें तो प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार (2004, 2009, 2014, 2019 और 2024) सांसद चुने जा चुके हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के साथ-साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पूर्व वे मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

कितनी है नए शिक्षा मंत्री की शैक्षणिक योग्यता और कैसा रहा सफर

प्रह्लाद जोशी की शुरुआती शिक्षा रेलवे स्कूल और हुबली के न्यू English स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज से कला संकाय में स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की। छात्र जीवन के दौरान ही वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। आगे चलकर उन्होंने हुबली में एक छोटा औद्योगिक व्यवसाय शुरू किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। 1990 के दशक में हुबली ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन और ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ का नेतृत्व करने के बाद वे मुख्यधारा की राजनीति में आए। 1998 में उन्हें धारवाड़ भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया और 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

चुनौतियों के बीच मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी

प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान ऐसे समय में सौंपी गई है जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर देश भर में सवाल उठ रहे हैं। नए शिक्षा मंत्री के सामने परीक्षा प्रणाली में सुधारों को तेजी से लागू करने की बड़ी चुनौती होगी। इसमें एनटीए के पुनर्गठन, पेपर लीक रोधी कड़े उपायों को लागू करने और भविष्य में ऑनलाइन व कंप्यूटर आधारित परीक्षा मॉडल को सुरक्षित रूप से अपनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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